शिवहर से मनीष नंदन सिंह की रिपोर्ट
Sheohar News: शिवहर जिले के पिपराही प्रखंड में सड़क निर्माण को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है. बेलवा घाट स्थित हनुमान मंदिर परिसर में स्थानीय समाजसेवी रंजन चौधरी ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है. उनका आरोप है कि पथ निर्माण विभाग और भू-अर्जन कार्यालय ने पहले से तय मापी को दरकिनार कर सड़क का नया नक्शा तैयार किया है, जिससे कई परिवारों के घर और एक सरकारी स्कूल पर संकट मंडरा रहा है. इस मुद्दे को लेकर ग्रामीणों में भी नाराजगी बढ़ती जा रही है.
एप्रोच रोड के नक्शे पर उठे सवाल
भूख हड़ताल पर बैठे रंजन चौधरी का कहना है कि स्टेट हाईवे पर पुल का निर्माण पूरा हो चुका है और अब एप्रोच रोड बनाया जाना है. उनका आरोप है कि शुरुआती सर्वे में सड़क के लिए खाली जमीन चिह्नित की गई थी, लेकिन बाद में कथित दबाव में आकर विभाग ने नक्शा बदल दिया. अब सड़क को पक्के मकानों के बीच से निकालने की योजना बनाई जा रही है.
15 परिवारों और स्कूल पर मंडरा रहा खतरा
ग्रामीणों के मुताबिक, प्रस्तावित नए नक्शे के अनुसार सड़क निर्माण होने पर करीब 15 परिवारों के घर प्रभावित होंगे. साथ ही दान की गई जमीन पर बने सरकारी प्राथमिक विद्यालय के अस्तित्व पर भी खतरा पैदा हो जाएगा. लोगों का कहना है कि विकास के नाम पर गरीब परिवारों को उजाड़ना उचित नहीं है.
कार्रवाई नहीं होने से बढ़ा आक्रोश
ग्रामीणों ने बताया कि इस मामले को लेकर कई बार अधिकारियों को आवेदन दिया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई. इसी कारण लोगों में नाराजगी बढ़ी है और वे आंदोलन के समर्थन में आगे आ रहे हैं.
मांग पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन
आंदोलनकारियों ने साफ कहा है कि उन्हें सड़क निर्माण से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन निर्माण पहले तय की गई मापी और मार्ग के अनुसार होना चाहिए. रंजन चौधरी ने चेतावनी दी कि जब तक नक्शे में बदलाव वापस नहीं लिया जाता और प्रभावित परिवारों को राहत नहीं मिलती, तब तक भूख हड़ताल जारी रहेगी.
