Sheohar News: डुमरी कटसरी में सुबह से भारी बारिश और ठनका, खेतों में तैयार मक्के की फसल को भारी नुकसान

Sheohar News: शिवहर के डुमरी कटसरी प्रखंड में सुबह से हो रही भारी बारिश और ठनका से तैयार मक्के की फसल को भारी नुकसान. देवेंद्र कुमार और रामेश्वर मंडल समेत कई किसानों ने मक्के की खेती को बताया घाटे का सौदा.

Sheohar News: शिवहर जिले के डुमरी कटसरी प्रखंड क्षेत्र में शुक्रवार सुबह से ही गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश और वज्रपात (ठनका) का दौर जारी है. मौसम के इस बदले मिजाज ने स्थानीय किसानों की धड़कनें बढ़ा दी हैं. खेतों में पककर पूरी तरह तैयार खड़ी मक्के की फसल को इस बेमौसम बारिश से भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है. लगातार हो रही बारिश के कारण किसान अपनी तैयार फसल को लेकर बेहद चिंतित हैं.

1. तैयार फसल पर फिरा पानी, बड़े पैमाने पर होता है उत्पादन

डुमरी कटसरी प्रखंड क्षेत्र में बड़े पैमाने पर मक्के की खेती की जाती है और यह स्थानीय किसानों की जीविका का एक मुख्य जरिया है. इस समय मक्के की फसल खेतों में पूरी तरह तैयार है और किसान इसकी कटाई की तैयारी में जुटे थे. ठीक इसी नाजुक समय पर सुबह से शुरू हुई तेज बारिश और आसमान में छाए काले बादलों ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है.


2. ‘घाटे का सौदा साबित हो रही मक्के की खेती’ — किसानों का दर्द

लगातार हो रही बारिश और खराब मौसम को देखकर प्रखंड के कई प्रगतिशील किसानों ने अपनी गंभीर चिंता व्यक्त की है. किसानों का कहना है कि प्रकृति की इस मार के आगे वे बेबस नजर आ रहे हैं.

  • किसान देवेंद्र कुमार और चंदन कुमार: उन्होंने बताया कि लगातार हो रही बारिश के कारण तैयार मक्का खेतों में ही सड़ने की कगार पर पहुंच सकता है, जिससे पूरी मेहनत बर्बाद हो जाएगी.
  • किसान रामेश्वर मंडल और विजय सिंह: उन्होंने निराशा जताते हुए कहा कि मौसम के इस रुख से मक्के की फसल को भारी नुकसान पहुंच रहा है. भारी लागत लगाने के बाद भी अब मुनाफा तो दूर, मूल लागत निकालना भी मुश्किल लग रहा है. वर्तमान परिस्थितियों में मक्के की खेती करना अब पूरी तरह घाटे का सौदा साबित हो रहा है.

3. जलजमाव से मक्के के दानों के खराब होने का खतरा

कृषि जानकारों के अनुसार, अगर खेतों में इसी तरह लगातार बारिश का पानी जमा रहा, तो तैयार मक्के के पौधों के गिरने और दानों में फंगस (काली फफूंद) लगने का खतरा काफी बढ़ जाता है. इससे मक्के की गुणवत्ता खराब हो जाएगी और बाजार में किसानों को इसका सही मूल्य भी नहीं मिल सकेगा. किसान अब भगवान से मौसम साफ होने की दुआ मांग रहे हैं ताकि वे जल्द से जल्द अपनी फसल को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचा सकें.

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Published by: Aaruni Thakur

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