Sheohar News: जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे-छोटे झगड़े और विवाद कोर्ट तक पहुंचने से पहले ही सुलझाने के लिए सामुदायिक मध्यस्थता (Community Mediation) प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है. इसके तहत पंचायत स्तर पर विशेष मध्यस्थता केंद्र स्थापित किए जाएंगे.
न्यायालय से पहले विवाद का समाधान
सिविल कोर्ट शिवहर के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दीपक कुमार और डीएलएसए के अध्यक्ष के मार्गदर्शन में गांवों में तीन प्रतिष्ठित और निष्पक्ष व्यक्तियों का सामुदायिक पैनल बनाया जाएगा. इसका उद्देश्य घरेलू झगड़े, पति-पत्नी के मामूली विवाद, जमीन और मकान के प्रारंभिक मामले स्थानीय स्तर पर 30 दिनों में हल करना है.
किन मामलों में नहीं होगी मध्यस्थता
डीएलएसए के सचिव ललन कुमार रजक ने स्पष्ट किया कि हत्या, बलात्कार जैसे गंभीर अपराध और बड़े व्यापारिक विवाद इस प्रक्रिया के दायरे से बाहर रहेंगे.
रोजमर्रा के विवादों का त्वरित समाधान
सामुदायिक मध्यस्थता केंद्र सड़क, नाली, पानी, सार्वजनिक कुआं, हैंडपंप, तालाब, चरागाह और किरायेदारी के विवाद भी हल करेंगे. स्थानीय रीति-रिवाज और परंपराओं से उत्पन्न मतभेदों का समाधान भी इसी प्रक्रिया से किया जाएगा.
शिवहर से मनीष नंदन सिंह की रिपोर्ट
