शिवहर: मानसून से पहले पूरा होगा बेलवा-मीनापुर लिंक चैनल, बाढ़ और कटाव से मिलेगी राहत

Sheohar News: शिवहर का बेलवा-मीनापुर लिंक चैनल प्रोजेक्ट अंतिम चरण में पहुंच गया है. मानसून से पहले निर्माण पूरा होने का लक्ष्य है. इससे बाढ़ और कटाव में कमी आएगी, जबकि किसानों को सालभर सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सकेगा. पढे़ं पूरी खबर…

शिवहर से मनीष नंदन सिंह की रिपोर्ट

Sheohar News: मानसून से पहले शिवहर और आसपास के इलाकों के लोगों को बड़ी राहत मिलने वाली है. वर्षों से बाढ़ और कटाव की मार झेल रहे बेलवा क्षेत्र में बन रहा बेलवा-मीनापुर लिंक चैनल प्रोजेक्ट अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है. सरकार का दावा है कि इस बार मानसून में इस परियोजना का सीधा फायदा लोगों को मिलेगा. इससे न सिर्फ बाढ़ का दबाव कम होगा, बल्कि किसानों को सालभर सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी भी उपलब्ध हो सकेगा.

अंतिम चरण में पहुंचा लिंक चैनल निर्माण

पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘नदी से नदी जोड़ योजना’ के तहत बेलवा-बागमती नदी को मुजफ्फरपुर के मीनापुर स्थित बूढ़ी गंडक नदी से जोड़ा जा रहा है. इसके लिए पुरानी धारा की उड़ाही और लिंक चैनल निर्माण का काम तेजी से चल रहा है. जिला प्रशासन के मुताबिक इस महीने के अंत तक मानसून से पहले निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.

114 करोड़ की लागत से बन रही परियोजना

68.80 किलोमीटर लंबी इस परियोजना के लिए वर्ष 2023 में 114 करोड़ रुपये का इकरारनामा हुआ था. शिवहर जिले के 28 किलोमीटर हिस्से में जनवरी 2026 तक करीब 80 फीसदी काम पूरा हो चुका था. अब बचे हुए हिस्से को तेजी से पूरा किया जा रहा है.

डीएम की पहल से तेज हुआ काम

जिलाधिकारी प्रतिभा रानी लगातार निर्माण कार्य की निगरानी कर रही हैं. उन्होंने ललुआ, महुआवा और पहाड़पुर गांव के लोगों से बातचीत कर कई स्थानीय समस्याओं का समाधान कराया, जिसके बाद निर्माण कार्य ने रफ्तार पकड़ी. प्रशासन का कहना है कि समय पर काम पूरा कराने के लिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है.

50 हजार क्यूसेक पानी से घटेगा बाढ़ का खतरा

परियोजना पूरी होने के बाद बेलवा-बागमती नदी से करीब 50 हजार क्यूसेक पानी को नियंत्रित तरीके से प्रवाहित किया जाएगा. इससे शिवहर, पूर्वी चंपारण और मुजफ्फरपुर जिलों में बाढ़ और कटाव का दबाव कम होगा. साथ ही किसानों को सिंचाई के लिए भरपूर पानी मिलेगा और भू-जल स्तर में भी सुधार होने की उम्मीद है.

किसानों और ग्रामीणों को मिलेगी बड़ी राहत

हर साल नेपाल से आने वाली बाढ़ से तबाही झेलने वाले इलाके के लोगों को इस परियोजना से काफी उम्मीदें हैं. किसानों का कहना है कि अगर लिंक चैनल सही तरीके से काम करने लगा तो खेती आसान होगी और फसल उत्पादन भी बढ़ेगा. वहीं ग्रामीणों को कटाव और जलजमाव से राहत मिलने की संभावना है.

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लेखक के बारे में

Published by: Aniket Kumar

अनिकेत बीते 4 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. राजस्थान पत्रिका और न्यूजट्रैक जैसे मीडिया संस्थान के साथ काम करने का अनुभव. एंटरटेनमेंट, हाईपरलोकल और राजनीति की खबरों से अधिक जुड़ाव. वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ कार्यरत.

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