Sheohar News: नाग पंचमी का त्योहार जिले के विभिन्न क्षेत्रों में तीसरी सोमवारी को भक्तिभाव और श्रद्धा के साथ मनाया गया. शहर के सिनेमा हॉल रोड स्थित विषहर महारानी स्थान मंदिर समेत जिले के विभिन्न प्रखंडों के मंदिरों में नाग देवता की विधिवत पूजा-अर्चना की गई. मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था और सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी थी.
विषहर महारानी मंदिर में श्रद्धालुओं ने किया दुग्धाभिषेक
सिनेमा हॉल रोड स्थित विषहर महारानी स्थान मंदिर में पंडितों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कराई. महिला, पुरुष और बच्चों ने पूरी श्रद्धा के साथ नाग देवता का दुग्धाभिषेक किया. श्रद्धालुओं ने दूध, लावा और अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि और मंगलकामना की.
सपेरों ने कराया नाग देवता का दर्शन
मंदिर के मुख्य द्वार पर सपेरों की मौजूदगी भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही. श्रद्धालुओं ने नाग देवता का दर्शन और पूजन किया. नाग पंचमी को लेकर मंदिर परिसर में दिनभर भक्तिभाव का माहौल बना रहा.
सभी प्रखंडों के विषहर महारानी स्थानों पर लगी भीड़
जिले के सभी प्रखंडों में स्थित विषहर महारानी स्थानों पर भी सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही. लोगों ने नाग देवता को दूध और लावा चढ़ाकर विशेष पूजा-अर्चना की. कई स्थानों पर शिवालयों को भी आकर्षक ढंग से सजाया गया था.
पुलिस ने संभाली विधि-व्यवस्था
नाग पंचमी के दौरान शांति एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए नगर थानाध्यक्ष सुनील कुमार झा के निर्देश पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी. पुलिसकर्मी मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी करते रहे. असामाजिक तत्वों पर भी विशेष नजर रखी गई.
पंडित ने श्रद्धालुओं को सुनाई नाग पंचमी की कथा
राजलक्ष्मी आश्रम के आचार्य पंडित वेदप्रकाश शास्त्री ने श्रद्धालुओं को नाग पंचमी की कथा सुनाई. उन्होंने बताया कि एक किसान के हल से नाग के तीन बच्चे कुचलकर मर गए थे. इसके बाद नागिन ने किसान के परिवार से बदला लेने का संकल्प लिया.
कथा के अनुसार नागिन ने किसान, उसकी पत्नी और दोनों पुत्रों को डस लिया. अगले दिन किसान की पुत्री ने नागिन के सामने दूध का कटोरा रखकर क्षमा मांगी. इससे प्रसन्न होकर नागिन ने किसान के परिवार को फिर से जीवित कर दिया. मान्यता है कि इसी घटना के बाद श्रावण शुक्ल पंचमी को नाग देवता की पूजा की परंपरा शुरू हुई.
मंदिर समिति के सदस्य भी रहे मौजूद
पूजा के दौरान मंदिर समिति के अध्यक्ष छोटेलाल गुप्ता, पुकार सोनी, बालकृष्ण कुमार, विक्रम कुमार, संजय साह, अप्पू कुमार, विकास कुमार, राजा कुमार समेत कई श्रद्धालु मौजूद रहे. सभी ने श्रद्धापूर्वक नाग देवता की पूजा-अर्चना की.
यह भी पढ़ें: 22 चक्कों वाला हाइवा चार साल से सड़क पर क्यों खड़ा है? नवलपुर में ग्रामीणों की बढ़ी चिंता
