तरियानी अंचल कार्यालय में डीएम का औचक निरीक्षण, दाखिल-खारिज और जमीन मापी को लेकर मिले कड़े निर्देश

शिवहर की जिला पदाधिकारी प्रतिभा रानी ने तरियानी अंचल कार्यालय का गहन निरीक्षण किया. उन्होंने आम जनमानस को पारदर्शी, सुलभ और त्वरित प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया. कार्यों में अनावश्यक विलंब को लेकर संबंधित अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई.

Tariyani Anchal Office Inspection: शिवहर में आम जनमानस को पारदर्शी, सुलभ और त्वरित प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी प्रतिभा रानी ने बुधवार को अंचल कार्यालय, तरियानी का गहन निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान डीएम ने कार्यालय की विभिन्न शाखाओं, राजस्व पंजियों के संधारण, बुनियादी नागरिक सुविधाओं और लोक सेवाओं के अधिकार (आरटीपीएस) के क्रियान्वयन की स्थिति की गहन पड़ताल की. कार्यों में अनावश्यक विलंब को लेकर उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को सख्त हिदायत दी और सभी लंबित मामलों का ससमय निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.

दाखिल-खारिज का निष्पादन 97.66%, शेष 851 आवेदन जल्द निपटाने का आदेश

राजस्व सेवाओं की समीक्षा करते हुए डीएम ने पाया कि तरियानी अंचल में दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) के कुल 36,453 ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए थे. इनमें से 35,602 आवेदनों का सफलतापूर्वक निष्पादन किया जा चुका है, जो कुल आवेदनों का 97.66 प्रतिशत है. डीएम ने बचे हुए 851 प्रक्रियाधीन मामलों को बिना किसी देरी के नियमानुसार निपटाने का निर्देश दिया. वहीं, भू-स्वामित्व प्रमाण-पत्र (एलपीसी) के लिए प्राप्त 440 आवेदनों में से 429 का निष्पादन (97.5%) हो चुका है, जबकि लंबित 11 आवेदनों को तुरंत निष्पादित करने को कहा गया.

ई-मापी और परिमार्जन के कार्यों की समीक्षा

भूमि सुधार से जुड़े मामलों की समीक्षा के क्रम में परिमार्जन के तहत प्राप्त कुल 4,612 आवेदनों में से 4,123 आवेदनों का निष्पादन संतोषजनक पाया गया. वहीं ई-मापी प्रणाली के तहत दर्ज 885 आवेदनों में से 435 मामलों में मापी प्रतिवेदन तैयार कर आवेदकों को उपलब्ध कराया जा चुका है. डीएम ने शेष मापी प्रतिवेदनों को भी तेजी से तैयार कर आवेदकों को भेजने का निर्देश दिया ताकि भूमि विवादों को समय रहते सुलझाया जा सके.

आरटीपीएस काउंटर से हजारों प्रमाण पत्र निर्गत

लोक सेवाओं के अधिकार (आरटीपीएस) के तहत चालू वित्तीय वर्ष में 1 अप्रैल से 14 सितंबर तक की प्रगति रिपोर्ट का भी जायजा लिया गया. इस अवधि में आवासीय प्रमाण-पत्र के 14,986, जाति प्रमाण-पत्र के 13,384, आय प्रमाण-पत्र के 15,490 तथा ईडब्ल्यूएस (EWS) श्रेणी के 665 आवेदनों का तय समय-सीमा के भीतर निष्पादन किया गया. डीएम ने इस रफ्तार को बनाए रखने और सर्वर संबंधी समस्याओं का त्वरित समाधान निकालने का निर्देश दिया.

पंजियों का संधारण सही, तीन अतिक्रमण वाद प्रक्रियाधीन

निरीक्षण के दौरान अंचल अधिकारी, राजस्व अधिकारी, प्रधान सहायक एवं राजस्व कर्मचारियों की उपस्थिति पंजी की जांच की गई, जो अद्यतन और व्यवस्थित पाई गई. लोक शिकायत निवारण पंजी की जांच में जिला स्तर पर 2 और अनुमंडल स्तर पर 4 वाद प्रक्रियाधीन पाए गए, जिनके शीघ्र निस्तारण का आदेश दिया गया. वर्ष 2025-26 तक कुल 19 लाभुकों को वासगीत पर्चा निर्गत किया गया है, जबकि 3 अतिक्रमण वाद अभी प्रक्रियाधीन हैं.

डीएम प्रतिभा रानी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आम जनता से जुड़े किसी भी प्रशासनिक या राजस्व कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी. इस नियमित निरीक्षण का मुख्य मकसद अंचल कार्यालयों में कर्मियों की जवाबदेही तय करना, पारदर्शिता बढ़ाना और जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान करना है.

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By Madhurendra kumar

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