आमदनी आठ करोड़, पर पेयजल की सुविधा नहीं

पुपरी : जनकपुर रोड रेलवे स्टेशन अपनी बेबसी पर आंसू बहता नज़र आ रहा है. करोड़ों वार्षिक आमदनी के बावजूद विभाग द्वारा स्थानीय रेलवे स्टेशन के साथ सौतेलापन व्यवहार किया जा रहा है. जानकारी के अनुसार, यहां प्रतिदिन करीब डेढ़ लाख तक की टिकट बिकती है. यानी महीने में चालिस लाख व सालाना 5.40 करोड़ […]

पुपरी : जनकपुर रोड रेलवे स्टेशन अपनी बेबसी पर आंसू बहता नज़र आ रहा है. करोड़ों वार्षिक आमदनी के बावजूद विभाग द्वारा स्थानीय रेलवे स्टेशन के साथ सौतेलापन व्यवहार किया जा रहा है.

जानकारी के अनुसार, यहां प्रतिदिन करीब डेढ़ लाख तक की टिकट बिकती है. यानी महीने में चालिस लाख व सालाना 5.40 करोड़ की टिकट की बिक्री होती है. इसी प्रकार माल ढ़ुलाइ से मासिक 25 लाख, यानी सालाना तीन करोड़ की आमदनी है. इसकी पुष्टि करते हुए स्टेशन अधीक्षक मदन प्रसाद ने माना कि आमदनी के हिसाब से यात्रियों को स्टेशन पर जो सुविधा मिलनी चाहिए, वह नहीं मिल पा रहा है. स्टेशन पर मात्र एक चापाकल से काम चलाया जा रहा है.
शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं है. जो शौचालय है, उसमें जाने लायक व्यवस्था नहीं है. टंकी के पानी के अभाव में सभी नल से पानी भी नहीं निकलता है. सुरक्षा के नाम पर कोई व्यवस्था नहीं है. आरपीएफ वाले कभी-कभी दिखाई पड़ते है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सुरक्षा की कोई नियमित व ठोस व्यवस्था का अभाव है. बताया गया कि इस स्टेशन पर आरपीएफ के लिए कोई सृजित पद हीं नहीं है. खास बात यह कि अब इस स्टेशन से दिल्ली, मुंबई व कोलकाता समेत अन्य कई महानगरों के लिए गाड़ियां चलती हैं, पर यात्रियों की सुविधा के लिए प्रतीक्षालय तक की व्यवस्था नहीं है.
हालांकि वर्ष 1990 के बाद कई बार प्रतीक्षालय का निर्माण हुआ जो बाद में जीआरपी वाले कब्जा कर लिये या बंद पड़ा रहा.
कहते हैं अधीक्षक
इस बाबत स्टेशन अधीक्षक श्री प्रसाद ने कहा कि स्टेशन पर व्याप्त असुविधाओं से समय-समय पर वरीय अधिकारियों को अवगत कराया जाता है, पर अब तक जो सुविधा मिली है, नजर के सामने है. पुन: समस्या संबंधी पत्र भेजा जायेगा.
श्री प्रसाद, स्टेशन अधीक्षक

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