Savera Cancer Hospital: विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सवेरा कैंसर हॉस्पिटल के निदेशक एवं वरिष्ठ कैंसर सर्जन डॉ. वीपी सिंह ने कहा कि बढ़ता पर्यावरण प्रदूषण कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के मामलों में लगातार वृद्धि का एक महत्वपूर्ण कारण बनता जा रहा है. उन्होंने कहा कि प्रदूषित हवा, दूषित पानी और रासायनिक तत्वों से प्रभावित खाद्य पदार्थ मानव स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा हैं.
डॉ. सिंह ने बताया कि वायु प्रदूषण फेफड़ों के कैंसर के प्रमुख कारणों में शामिल हो चुका है. वाहनों और उद्योगों से निकलने वाला धुआं तथा वातावरण में बढ़ते विषैले कण लोगों के फेफड़ों को लगातार नुकसान पहुंचा रहे हैं. वहीं, भूजल में आर्सेनिक, भारी धातुओं और अन्य रासायनिक तत्वों की मौजूदगी लीवर, ब्लैडर, पेट और त्वचा के कैंसर का जोखिम बढ़ा सकती है.
उन्होंने कहा कि कृषि में रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी और खाद्य पदार्थ भी प्रभावित हो रहे हैं. लंबे समय तक ऐसे खाद्य पदार्थों के सेवन से कैंसरकारी तत्व शरीर में जमा हो सकते हैं.
डॉ. सिंह ने लोगों से पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की अपील करते हुए कहा कि स्वच्छ हवा, स्वच्छ पानी, हरियाली का संरक्षण, प्लास्टिक के कम उपयोग और रसायनों के नियंत्रित प्रयोग से कैंसर सहित कई गंभीर बीमारियों के खतरे को कम किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि स्वस्थ पर्यावरण ही स्वस्थ समाज और सुरक्षित भविष्य की सबसे मजबूत नींव है.
