Satyadev Super Speciality Hospital: पुरुषों में तेजी से बढ़ रही स्वास्थ्य समस्याओं में प्रोस्टेट कैंसर भी शामिल है. सत्यदेव सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के प्रबंध निदेशक एवं वरिष्ठ यूरोलॉजिस्ट डॉ. कुमार राजेश रंजन ने कहा कि प्रोस्टेट कैंसर पुरुषों की प्रोस्टेट ग्रंथि में होने वाला कैंसर है. यह ग्रंथि मूत्राशय के नीचे स्थित होती है और पुरुष प्रजनन तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है. आमतौर पर यह बीमारी 50 वर्ष की आयु के बाद अधिक देखी जाती है.
डॉ. रंजन ने बताया कि बार-बार पेशाब लगना, पेशाब करने में कठिनाई, पेशाब की धार कमजोर होना, पेशाब या वीर्य में खून आना तथा कमर या हड्डियों में लगातार दर्द इसके प्रमुख लक्षण हो सकते हैं. हालांकि शुरुआती चरण में कई मरीजों में कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखते, इसलिए नियमित जांच आवश्यक है.
उन्होंने बताया कि पीएसए (PSA) टेस्ट, एमआरआई और बायोप्सी के माध्यम से इसकी पहचान की जाती है. रोग की अवस्था के अनुसार लेप्रोस्कोपिक रेडिकल प्रोस्टेक्टमी, सर्जरी, रेडियोथेरेपी, हार्मोन थेरेपी और अन्य आधुनिक उपचार पद्धतियों से इसका सफल इलाज संभव है.
डॉ. रंजन ने कहा कि संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, वजन नियंत्रित रखना, धूम्रपान और शराब से दूरी तथा नियमित स्वास्थ्य जांच प्रोस्टेट कैंसर के खतरे को कम करने में मददगार हो सकते हैं. 50 वर्ष से अधिक आयु के पुरुषों को समय-समय पर प्रोस्टेट की जांच अवश्य करानी चाहिए, ताकि बीमारी का समय रहते पता लगाकर प्रभावी उपचार किया जा सके.
