जमुहार में जुटेंगे देशभर के युवा इतिहासकार, ‘इतिहास लेखन की भारतीय परंपरा’ पर होगी राष्ट्रीय संगोष्ठी

Sasaram News : जमुहार स्थित गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन हो रहा है. 'इतिहास लेखन की भारतीय परंपरा' विषय पर 500 से अधिक युवा इतिहासकार भारतीय इतिहास के विभिन्न आयामों पर विचार-विमर्श करेंगे.

Sasaram News : जमुहार स्थित गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय में दशम युवा इतिहासकार राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा. रविवार को विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित प्रेसवार्ता में संगोष्ठी से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी गई. माधव संस्कृति न्यास, नई दिल्ली, अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना, नई दिल्ली और गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में होने वाली इस दो दिवसीय संगोष्ठी का विषय ‘इतिहास लेखन की भारतीय परंपरा’ रखा गया है.

भारतीय इतिहास लेखन की परंपरा पर होगा पुनर्पाठ

अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. बाल मुकुल पांडे ने कहा कि भारतीय इतिहास लेखन की परंपरा विश्व की प्राचीन और समृद्ध परंपराओं में शामिल है. वैदिक साहित्य, रामायण, महाभारत, पुराण, बौद्ध-जैन ग्रंथ, अभिलेख, मुद्राएं, ताम्रपत्र, यात्रा-वृत्तांत और पुरातात्विक साक्ष्य इसके प्रमुख आधार हैं. उन्होंने कहा कि भारतीय दृष्टिकोण से इतिहास लेखन की इस परंपरा का पुनर्पाठ और पुनर्मूल्यांकन जरूरी है, ताकि इतिहास के विभिन्न आयामों को तथ्यपरक और प्रामाणिक रूप में सामने लाया जा सके.

Also Read : मांगों पर 9 महीने से इंतजार, रोहतास में फिर एकजुट हुए कार्यपालक सहायक, आंदोलन की रणनीति पर मंथन

500 से अधिक युवा इतिहासकार होंगे शामिल

डॉ. बाल मुकुल पांडे ने बताया कि संगोष्ठी में देश के विभिन्न राज्यों से 500 से अधिक युवा इतिहासकार हिस्सा लेंगे. संगोष्ठी के माध्यम से युवा इतिहासकारों को भारतीय इतिहास लेखन की परंपरा, उसके स्रोतों और विभिन्न ऐतिहासिक आयामों पर विचार-विमर्श का अवसर मिलेगा.

Also Read : नियोजित शिक्षकों के हक में सरकार की आनाकानी पर उठे सवाल, करगहर में संगठन ने भरी हुंकार

इतिहास की जानकारी से मजबूत होगा स्वाभिमान

विश्वविद्यालय के कुलाधिपति एवं पूर्व राज्यसभा सांसद गोपाल नारायण सिंह ने कहा कि भारतीय इतिहास के कई महत्वपूर्ण अध्याय आज की युवा पीढ़ी से अनजान हैं. उन्होंने कहा कि अपने इतिहास की जानकारी से समाज में स्वाभिमान और देश के प्रति समर्पण की भावना मजबूत होती है. उन्होंने युवा पीढ़ी को इतिहास के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराने की आवश्यकता पर भी जोर दिया.

Also Read : मांगों पर 9 महीने से इंतजार, रोहतास में फिर एकजुट हुए कार्यपालक सहायक, आंदोलन की रणनीति पर मंथन

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By जितेंद्र कुमार पासवान

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >