सासाराम में निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर छापेमारी, एक केंद्र सील, दो जगह नहीं मिले चिकित्सक

Sasaram News : डेहरी में प्रशासन ने अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर छापेमारी की. मां देवी अल्ट्रासाउंड केंद्र को सील कर दिया गया है, जिससे संचालकों में हड़कंप मच गया है.

Sasaram News : शहर में लंबे अंतराल के बाद बुधवार को निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों और पैथोलॉजी लैब की जांच के लिए प्रशासन ने छापेमारी की. एसडीएम निलेश कुमार के नेतृत्व में गठित धावा दल ने शहर के तीन निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों और पैथोलॉजी लैब में पहुंचकर चिकित्सकों की उपलब्धता, केंद्र संचालन से संबंधित दस्तावेज और अन्य कागजातों की जांच की. कार्रवाई की भनक लगते ही कई संचालकों में हड़कंप मच गया और कुछ केंद्र बंद कर संचालक वहां से निकल गये.

मां देवी अल्ट्रासाउंड केंद्र मिला बंद, किया गया सील

जांच के दौरान पाली रोड स्थित मां देवी अल्ट्रासाउंड केंद्र पर कोई चिकित्सक या कर्मी मौजूद नहीं मिला. पूछताछ में टीम को जानकारी मिली कि केंद्र के सभी कर्मचारी वहां से जा चुके हैं. इसके बाद प्रशासन ने केंद्र को तत्काल सील कर दिया.

रॉयल और न्यू आदित्या केंद्र पर भी नहीं मिले चिकित्सक

रॉयल अल्ट्रासाउंड केंद्र और न्यू आदित्या अल्ट्रासाउंड केंद्र की जांच के दौरान भी कोई चिकित्सक मौजूद नहीं मिला. हालांकि, वहां मौजूद कर्मियों ने केंद्र से संबंधित दस्तावेज जांच दल के समक्ष प्रस्तुत किये. अधिकारियों के अनुसार, कागजातों की जांच की जा रही है. दस्तावेज विधिसम्मत नहीं पाये जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी.

जांच दल में कई अधिकारी रहे शामिल

छापेमारी दल में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी, बीएचएम, अंचल के राजस्व पदाधिकारी तौकिर अहमद सहित अन्य अधिकारी शामिल थे. एसडीएम निलेश कुमार ने बताया कि शहर में संचालित निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों और पैथोलॉजी लैब की जांच के लिए धावा दल का गठन किया गया है. प्रशासन की ओर से केंद्रों के संचालन से संबंधित नियमों और दस्तावेजों की जांच की जा रही है.

लंबे अंतराल के बाद जांच, नियमित निगरानी पर उठे सवाल

डेहरी शहर में पूर्व में भी अल्ट्रासाउंड केंद्रों के खिलाफ प्रशासनिक स्तर पर छापेमारी और कार्रवाई की जा चुकी है. इसके बावजूद लंबे समय तक नियमित जांच नहीं होने को लेकर सवाल उठ रहे हैं. जानकारों का कहना है कि अल्ट्रासाउंड केंद्रों की समय-समय पर जांच होती रहे, तो संचालकों पर नियमों के पालन का दबाव बना रहेगा. नियमित निगरानी के अभाव में यदि कहीं नियमों की अनदेखी हो रही है, तो इसकी जिम्मेदारी केवल संचालकों तक सीमित नहीं मानी जा सकती. प्रशासन की सतत निगरानी और समय-समय पर होने वाली जांच से ही अवैध या नियम विरुद्ध संचालन पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है.

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अल्ट्रासाउंड केंद्रों के संचालन को लेकर शहर में चर्चाएं

बुधवार की कार्रवाई के बाद शहर में अल्ट्रासाउंड केंद्रों के संचालन को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गयी हैं. लोगों के बीच चर्चा है कि सासाराम और बिक्रमगंज अनुमंडल में अल्ट्रासाउंड केंद्रों व अन्य जांच घरों के विरुद्ध कार्रवाई के बाद अब डेहरी अनुमंडल प्रशासन भी सक्रिय हुआ है. लंबे अंतराल के बाद जांच और छापेमारी शुरू होने से नियम विरुद्ध संचालित केंद्रों पर कार्रवाई की उम्मीद जगी है.

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सफेदपोशों के संरक्षण की चर्चा, आधिकारिक पुष्टि नहीं

शहर में यह भी चर्चा है कि अल्ट्रासाउंड केंद्रों के संचालन से जुड़े कुछ लोगों को कथित रूप से संरक्षण देने के लिए कुछ प्रभावशाली लोग सक्रिय हैं. हालांकि, इन चर्चाओं की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है. लोगों का कहना है कि यदि किसी स्तर पर प्रभावशाली लोगों द्वारा जांच को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है, तो प्रशासन को ऐसे प्रयासों से सख्ती से निबटने की जरूरत है. अब लोगों की नजर इस बात पर है कि बुधवार की कार्रवाई के बाद प्रशासन जांच अभियान को आगे भी जारी रखता है या कार्रवाई कुछ केंद्रों की जांच और कागजी प्रक्रिया तक ही सीमित रह जाती है.

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By मनोज उपाध्याय

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