Rohtas News : रोहतास जिले के प्रसिद्ध मां तुतला भवानी धाम में सोमवार शाम बहुप्रतीक्षित वॉटरफॉल अचानक अपने विकराल रूप में नजर आया. लंबे इंतजार के बाद 27 जुलाई की शाम करीब छह बजे तेज जलप्रवाह शुरू होते ही श्रद्धालुओं में खुशी की लहर दौड़ गई. लेकिन कुछ ही देर में यह खुशी चिंता में बदल गई, जब मंदिर के गर्भगृह में बंगाल से आए 15 श्रद्धालु फंस गए.
तेज बारिश के बाद अचानक बढ़ा जलप्रवाह
जानकारी के अनुसार पहाड़ों पर हुई मूसलाधार बारिश के कारण वॉटरफॉल का जलस्तर तेजी से बढ़ गया. देखते ही देखते जलधारा इतनी तेज हो गई कि गर्भगृह में मौजूद श्रद्धालुओं का नीचे उतरना मुश्किल हो गया. मंदिर परिसर में मौजूद लोगों की सांसें थम गईं.
वन विभाग ने चलाया रेस्क्यू अभियान
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग की टीम और मां तुतला भवानी धाम न्यास समिति ने तुरंत रेस्क्यू अभियान शुरू किया. वनरक्षी सतानंद कुमार ने बताया कि बंगाल से आए 15 महिला और पुरुष श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. उन्होंने बताया कि देर शाम होने के कारण श्रद्धालुओं को ऊपर नहीं जाने की सलाह दी गई थी, लेकिन वे दर्शन के लिए गर्भगृह पहुंच गए थे.
संयुक्त प्रयास से सभी श्रद्धालु सुरक्षित निकाले गए
रेस्क्यू अभियान में वनरक्षी आशीष कुमार, मां तुतला भवानी धाम न्यास समिति के अध्यक्ष गुरु चरण यादव, भरत यादव सहित वन विभाग और न्यास समिति की पूरी टीम ने अहम भूमिका निभाई. सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित मंदिर से नीचे लाकर राहत की सांस ली गई.
पिछले साल भी हुई थी ऐसी घटना
गौरतलब है कि पिछले वर्ष भी वॉटरफॉल के रौद्र रूप धारण करने के बाद 10 श्रद्धालु मां तुतला भवानी धाम में फंस गए थे. उस समय तत्कालीन वनपाल अमित कुमार के नेतृत्व में सफल रेस्क्यू अभियान चलाकर सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला गया था. इस बार भी समय रहते कार्रवाई होने से बड़ा हादसा टल गया.
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