Rohtas News: कोचस नगर पंचायत क्षेत्र में सवा तीन करोड़ रुपये की लागत से हो रहे तीन तालाबों का सौंदर्यीकरण कार्य वर्षों से अधूरा पड़ा हुआ है. इससे छठ पूजा सहित विभिन्न पर्वों के दौरान लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. स्थानीय लोगों ने तालाबों के सौंदर्यीकरण के नाम पर राशि की बंदरबांट का आरोप लगाया है.
नगर पैक्स अध्यक्ष सुनील दूबे, अरविंद ओझा, रामेश्वर सिंह, पूनम श्रीवास्तव, उमेश गुप्ता, सुरेंद्र पाण्डेय, कमलेश तिवारी आदि लोगों के अनुसार, सरकार प्रत्येक वित्तीय वर्ष में शहरी इलाकों में विकास कार्य के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से करोड़ों रुपये खर्च कर रही है. वहीं, नगर प्रशासन की अदूरदर्शिता के कारण कई योजनाएं धरातल पर उतरने से पहले ही दम तोड़ देती हैं.
तीन तालाबों के जीर्णोद्धार की मिली थी स्वीकृति
जानकारी के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2023-24 के शुरुआती दिनों में नगर विकास व आवास विभाग ने नगर पंचायत को करीब सवा तीन करोड़ रुपये से जल जीवन हरियाली योजना के तहत शहर के तीन तालाबों के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण की स्वीकृति दी थी. इसमें नगर पंचायत के वार्ड 16 स्थित काली मंदिर पोखरा, वार्ड छह स्थित सूर्य मंदिर पुष्करणी पोखरा और वार्ड आठ के परसियां गांव स्थित पोखरा शामिल थे.
आधे-अधूरे काम के बाद संवेदकों ने छोड़ा कार्य
टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित संवेदकों ने कार्य शुरू किया था, लेकिन कुछ दिनों बाद ही संवेदकों ने आधे-अधूरे हालत में काम छोड़ दिया. इसके बाद से तालाबों का जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण कार्य पूरा नहीं हो सका है. स्थानीय लोगों का कहना है कि कार्य अधूरा रहने से छठ पूजा समेत अन्य पर्वों के दौरान लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है. नगर प्रशासन की कार्यशैली को लेकर भी स्थानीय लोगों में नाराजगी है.
डीएम से हस्तक्षेप की मांग
नगर प्रशासन की कार्यशैली से नाराज नगरवासियों ने रोहतास डीएम से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है. लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये की योजना के बावजूद तालाबों का काम पूरा नहीं होने से योजना का उद्देश्य पूरा नहीं हो रहा है.
राशि आवंटित नहीं होने से बाधित है काम : ईओ
इस संबंध में पूछे जाने पर नगर ईओ ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष में नगर विकास व आवास विभाग से तालाबों के सौंदर्यीकरण के लिए कुछ राशि प्राप्त हुई थी. इसके बाद राशि का आवंटन नहीं होने से तालाबों का जीर्णोद्धार कार्य बाधित है.
