जिला पर्षद ने नगर निगम को लिखा पत्र, निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने का किया आग्रह
अपने पत्र में जिला पर्षद ने लिखा है कि इस स्थल पर दुकान निर्माण करने की योजना है प्रस्तावित
फोटो-5- इसी स्थल पर होना है मछली मंडी का निर्माणप्रतिनिधि, सासाराम नगर नगर निगम पुराने बस पड़ाव में रेलवे साइड में मछली कारोबारियों के लिए मंडी तैयार कर रहा है. ताकि, रौजा रोड से मछली मंडी को हटाया जाये. लेकिन, इस योजना पर जिला पर्षद ने पत्र लिखकर पानी फेर दिया है. पुराने बस पड़ाव में बंद पड़े आरओबी के नीचे नगर निगम मछली मंडी बना रहा था. निगम के आर्किटेक्ट ने नक्शा तैयार कर स्थल पर लेआउट कर दिया था. कार्य शुरू होनेवाला था और 10 दिनों में मछली मंडी शिफ्ट करने की तैयारी थी. ऐसे में जिला पर्षद के इस पत्र ने निगम के कार्य पर ब्रेक लगा दिया है. जिला पर्षद ने नगर आयुक्त को लिखे पत्र में बताया है कि यह जमीन जिला पर्षद की है. जिस पर तत्काल निर्माण कार्य को रोक दिया जाये. पत्र में लिखा है कि यह संज्ञान में आया है कि जिला पर्षद की स्वामित्व की भूमि, जो मौजा गजराढ़ राजस्व थाना नंबर-134, सीएस खाता नंबर-01, खेसरा नंबर-124, 125 और 126 है, जिसका कुल रकबा 81 डिसमिल है. इस जमीन पर जिला पर्षद कर्मचारी आवास व दुकानें अवस्थित हैं, जिसके आगे नगर निगम सासाराम बिना अनापत्ति प्राप्त किये निर्माण कार्य के लिए भूमि चिह्नित किया गया है, जो नियमानुकुल नहीं है.अनापत्ति प्रमाणपत्र प्राप्त करने के बाद र्माण करना श्रेयस्कर
विदित हो कि जिला पर्षद अपने स्वामित्व की भूमि पर अपने हित में आवश्यकतानुसार निर्माण कार्य करती है. यह भू-भाग व्यावसायिक दृष्टिकोण से अतिमहत्वपूर्ण भूमि है. जिसपर जिला पर्षद की अपनी आय का श्रोत बढ़ाने के लिए उद्देश्य से दुकानों का निर्माण किये जाने का प्रस्ताव पारित किया गया है, जो प्रक्रियाधीन है. इसलिए इस भूमि पर किसी तरह का निर्माण कार्य जाने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने की कृपा की जाये. यदि आवश्यक हो, तो निर्माण कार्य करने से पूर्व सक्षम प्राधिकार मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी जिला पर्षद सासाराम से अनापत्ति प्रमाणपत्र प्राप्त करने के बाद ही किसी तरह का निर्माण करना श्रेयस्कर होगा.क्या कहते हैं नगर आयुक्त
इस संबंध में नगर आयुक्त विकास कुमार से पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि पत्र कार्यालय को मिला है. अगर यह भूमि जिला पर्षद की है, तो फिर उनसे एनओसी लेकर निर्माण कराया जायेगा. मछली मंडी रेलवे साइड में होगी, जहां एक साथ करीब 315 दुकानें संचालित हो सकती हैं. इनके लिए प्लेटफॉर्म बनाया जायेगा. वहीं, यहां पहुंचनेवाले लोग असहज ने महसूस करें. इसलिए मंडी में जाने के लिए करीब आठ फुट का रास्ता भी रखा गया है.
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