निविदा से निगम हो रहा मालामाल, संवेदक हो रहे कंगाल

निगम अपने क्षेत्र में विकास के लिए निकाल रहे निविदा से भी बंपर कमाई कर रहा है

सासाराम नगर. नगर निगम की आय दुकानों, सैरातों और होल्डिंग टैक्स से ही केवल नहीं है. निगम अपने क्षेत्र में विकास के लिए निकाल रहे निविदा से भी बंपर कमाई कर रहा है. वहीं, इन निविदाओं में भाग लेनेवाले संवेदक कंगाल हो रहे हैं. हाल ही में 103 कार्यों के निकाले गये निविदा में 1157 संवेदकों ने हिस्सा लिया था. इतनी भीड़ के बावजूद 11 कार्यों में कोई संवेदक भाग नहीं लिया. हालांकि, 92 कार्यों के लिए संवेदकों ने अपनी किस्मत जरूरत आजमाया. इन कार्यों के एक-एक ग्रुप में तीन से अधिक संवेदकों ने हिस्सा लिया. केवल निविदा संख्या 11/2024-25 की बात करें, तो निगम ने 5784000 रुपये बीओक्यू फॉर्म बेचकर कमाया. इस निविदा संख्या के ग्रुप नंबर 96 में सबसे अधिक संवेदकों ने हिस्सा लिया. वार्ड संख्या-41 के मदैनी में राजवंशी के घर से कामेश्वर सिंह के घर से थोड़ा आगे तक पीसीसी सड़क का निर्माण 12.95 लाख रुपये में करना था. इस कार्य को लेने के लिए 55 संवेदकों ने निविदा डाला था, जिसमें सफलता एक को मिली और 54 के हाथ खाली रह गये. केवल एक ग्रुप से ही निगम ने करीब 1.37 लाख रुपये कमाये. ऐसा ही इसी वार्ड के ग्रुप नंबर 95 में 52 संवेदकों ने हिस्सा लिया. 14.30 लाख रुपये की योजना के तहत भव पर से जेल की चहारदीवारी तक नाली व सड़क निर्माण करना था. इसके लिए 52 संवेदकों ने बीओक्यू फॉर्म खरीदा और टेंडर प्रक्रिया में शामिल हुए, जिसमें एक को सफलता मिली. इसके अलावा निगम ने एक करोड़ रुपये से अधिक के दो कार्य निकाले थे, जिसमें 10 संवेदकों ने हिस्सा लिया. इन दो कार्यों का फॉर्म बेचकर निगम को एक लाख रुपये मिले. एक बीओक्यू का दाम करीब 10000 रुपये रखा गया था. बढ़ती बेरोजगारी व निर्धारित दर बढ़ा रही संवेदकों की भीड़- नगर निगम के निविदा के लिए बढ़ती भीड़ की वजह बेरोजगारी और निर्धारित दर माना जा रहा है. संवेदक संघ के जिलाध्यक्ष राकेश कुमार राजू ने बताया कि निगम की निविदा में हिस्सा लेनेवाले संवेदक निर्धारित दर पर टेंडर डाल रहे हैं. इसलिए संवेदकों को नुकसान कम हो रहा है. क्योंकि, उनका चयन लॉटरी के माध्यम से किया जा रहा है, जो किस्मत का तेज है उसे कार्य मिल रहा है. लेकिन, इतनी अप्रत्याशित संवेदकों की भीड़ किसी न किसी संवेदक को नुकसान जरूर पहुंचा रही है. ऐसे में एक ग्रुप में तीन से अधिक संवेदकों को हिस्सा लेने से बचना चाहिए. क्योंकि इससे सीधा सरकार को मुनाफा हो रहा है और गरीब संवेदकों का नुकसान हो रहा है. साथ ही उन्होंने बताया कि कुछ नये संवेदक भी हैं, जो जल्द से जल्द मालामाल होने की तैयारी में है और सभी ग्रुपों में टेंडर डाल रहे हैं. ..एकसाथ 92 निविदा का फॉर्म बेचकर निगम ने कमाये 57.85 लाख रुपये वार्ड 41 के एक कार्य के लिए 55 संवेदक ने भरा था टेंडर, लॉटरी में एक हुआ सफल

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Published by: Anurag sharan

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