रौजा रोड में हुई मजिस्ट्रेट की तैनाती, तो मछली मंडी में घुस गये वेंडर
नो वेंडिंग जोन से वेंडरों का नहीं टूट रहा मोह, प्रशासन की कार्रवाई जारी
सासाराम सदर.
जिला व नगर प्रशासन की ओर से लगातार की जा रही कार्रवाई के बाद 50 प्रतिशत से ज्यादा वेंडर वेंडिंग जोन में तो पहुंच गये हैं. लेकिन, कई ऐसे फुटपाथी दुकानदार हैं, जिनका नो वेंडिंग जोन से मोह भंग नहीं हो पा रहा है. पुरानी जीटी रोड से वेंडरों को हटाने के बाद मंगलवार से ही रौजा रोड में मजिस्ट्रेट की तैनाती की गयी. इसके बाद बुधवार को प्रशासन ने रौजा रोड में सड़क किनारे दुकान लगा रहे वेंडरों के खिलाफ अभियान चलाया. जब तक कार्रवाई शुरू थी, तो वेंडर रौजा रोड के आस-पास की गलियों में घुस गये. जैसे ही दोपहर के बाद पुलिस बल अभियान से सिथिल हुए कि वेंडर फिर से सड़कों पर ठेले के साथ सक्रिय हो गये. इसके बाद शाम में भी पुलिस अधिकारी सुरक्षा बलों के साथ सड़क पर तैनात हो गये, तो वेंडरों ने मछली मंडी को ही सब्जी मंडी में तब्दील कर दिया. हालांकि, सभी वेंडरों को प्रशासन ने 14 जनवरी तक वेंडिंग जोन में शिफ्ट होने का अल्टीमेटम दिया है. लेकिन, अभी भी कई वेंडरों को सड़क छोड़ वेंडिंग जोन में जाना रास नहीं आ रहा है. हालांकि, सासाराम एसडीओ डॉ नेहा कुमारी द्वारा कई दिनों तक चलाये गये अभियान के बाद नो वेंडिंग जोन में ठेला लगाने वाले वेंडरों में काफी कमी आयी है. लेकिन, पूर्ण रूप से वेंडरों को वेंडिंग जोन में शिफ्ट कराने में मशक्कत करनी पड़ सकती है.नहीं माने वेंडर, तो होगी बड़ी कार्रवाई
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार अल्टिमेटम दिये गये समय अवधि के बाद अगर एक भी वेंडर नो वेंडिंग जोन में ठेला लगाते मिले, तो उन्हें जुर्माना भरने के लिए तैयार रहना होगा. हालांकि, वेंडर भी शायद इसलिए जहां तहां नो वेंडिंग जोन में दुकान लगा रहे हैं कि 14 से पहले प्रशासन भी कोई कार्रवाई नहीं करेगी. अब देखना यह है कि प्रशासनिक अधिकारी भी खुद के दिये अल्टीमेटम पर कायम रहता है कि बीच में भी वेंडरों से जुर्माना वसूलने जैसी कार्रवाई कर सकता है.
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