Tara Chandi Temple Devotee Rush On Guru Purnima : सासाराम शहर से करीब चार किलोमीटर दूर कैमूर पहाड़ी की गोद में बसे प्रसिद्ध मां ताराचंडी धाम में बुधवार को गुरु पूर्णिमा के मौके पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा. सुबह होते ही मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें लग गईं. जिले के अलग-अलग हिस्सों के साथ-साथ आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंच रहे और मां के दरबार में माथा टेककर अपने परिवार की सुख, शांति और समृद्धि की कामना कर रहे.
मंदिर परिसर पूरी तरह भक्ति के रंग में रंगा नजर आ रहा. चारों ओर जय मां ताराचंडी के जयकारे गूंज रहे, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया. श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा के साथ नारियल, चुनरी, फूल-माला और प्रसाद अर्पित कर मां का आशीर्वाद प्राप्त किया. यह सिलसिला आज दिनभर ऐसे ही चलता रहगा.
सुबह से देर शाम तक लगा रहा भक्तों का तांता
गुरु पूर्णिमा के खास मौके को लेकर भक्तों में खास उत्साह देखने को मिल रहा. सुबह की पहली आरती के साथ ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया, जो देर शाम तक लगातार जारी रहा. कई श्रद्धालु अपने परिवार के साथ पहुंचे, तो कई ने अकेले ही मां के दरबार में हाजिरी लगाई.
Sasaram News : दर्शन के लिए लग रही लंबी कतारें
मंदिर के गर्भगृह में दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं, लेकिन इसके बावजूद भक्तों में किसी तरह की अधीरता नहीं दिखी. हर कोई धैर्य के साथ अपनी बारी का इंतजार करता नजर आया. श्रद्धालुओं का मानना है कि गुरु पूर्णिमा के दिन यहां पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है.
मनोकामना पूर्ण होने पर कराई विशेष पूजा
कई श्रद्धालु ऐसे भी थे, जिन्होंने अपनी मनोकामना पूरी होने के बाद मां के चरणों में विशेष पूजा अर्पित की. किसी ने परिवार की खुशहाली के लिए तो किसी ने बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए विशेष अनुष्ठान कराया. मंदिर में पंडितों द्वारा विधि-विधान से पूजा संपन्न कराई गई.
भक्तों का कहना था कि मां ताराचंडी धाम में आने से मन को शांति मिलती है और यहां की आध्यात्मिक ऊर्जा उन्हें सकारात्मकता से भर देती है. यही वजह है कि हर खास मौके पर यहां बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं.
व्यवस्था और सुरक्षा पर रहा खास ध्यान
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर समिति की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं. दर्शन के लिए अलग-अलग कतारें बनाई गई थीं ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो. पानी और प्रसाद की व्यवस्था भी की गई थी, जिससे दूर-दराज से आए भक्तों को किसी तरह की परेशानी न हो.
वहीं सुरक्षा को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद नजर आया. मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में पुलिस बल की तैनाती की गई थी. भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं को सुचारु रूप से दर्शन कराने के लिए प्रशासनिक टीम लगातार निगरानी में जुटी रही.
