Sher Shah Suri Tomb Sasaram : रोहतास जिले की ऐतिहासिक पहचान शेरशाह सूरी का मकबरा एक बार फिर संरक्षण कार्य को लेकर चर्चा में है. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने इस संरक्षित स्मारक के प्रवेश द्वार, गुंबद, छतरियों, घाट और जल निकासी से जुड़ी संरचनाओं के संरक्षण के लिए कार्य शुरू करने की दिशा में कदम बढ़ाया है. जुलाई 2026 में जारी निविदा के अनुसार इस कार्य की अनुमानित लागत करीब 28.07 लाख रुपये रखी गयी है.
शेरशाह सूरी मकबरा ASI के संरक्षण में
सासाराम स्थित शेरशाह सूरी का मकबरा भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के (Sasaram Historical Heritage) संरक्षण में आने वाले ऐतिहासिक स्मारकों में शामिल है. केंद्र सरकार के रिकॉर्ड में इसे रोहतास जिले के सासाराम में स्थित संरक्षित स्मारक के रूप में दर्ज किया गया है.
प्रवेश द्वार और गुंबद का होगा संरक्षण
एएसआई की ओर से जारी निविदा में मकबरे के प्रवेश द्वार, गुंबद और छतरियों के संरक्षण का काम शामिल किया गया है. इसके अलावा घाट और जल निकासी नहर से जुड़े कार्य भी प्रस्तावित हैं. निविदा में कार्य पूरा करने की अवधि 180 दिन निर्धारित की गयी थी.
जल निकासी व्यवस्था पर भी दिया गया ध्यान
मकबरे के संरक्षण कार्य में जल निकासी से जुड़े हिस्सों को भी शामिल किया गया है. ऐतिहासिक स्मारकों के संरक्षण में पानी के जमाव और नमी से होने वाले नुकसान को कम करना महत्वपूर्ण माना जाता है. एएसआई की निविदा में जल निकासी नहर से संबंधित संरक्षण कार्य का स्पष्ट उल्लेख किया गया है.
28 लाख रुपये से अधिक की अनुमानित लागत
एएसआई के पटना मंडल की ओर से जारी निविदा में इस संरक्षण कार्य की अनुमानित कीमत 28,07,056 रुपये बतायी गयी है. निविदा जुलाई 2026 में जारी की गयी थी और इसकी निविदा प्रक्रिया अगस्त 2026 में आगे बढ़ी.
पहले से भी संरक्षण कार्यों में शामिल रहा है मकबरा
शेरशाह सूरी का मकबरा एएसआई (ASI) के आदर्श स्मारकों की सूची में भी शामिल रहा है. केंद्र सरकार ने पहले आदर्श स्मारकों पर पर्यटकों के लिए शौचालय, पेयजल, बैठने की जगह, रास्ते, संकेतक और अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास की योजना की जानकारी दी थी.
सासाराम की ऐतिहासिक पहचान है शेरशाह का मकबरा
शेरशाह सूरी का मकबरा (Sher Shah Suri Tomb) सासाराम की प्रमुख ऐतिहासिक धरोहरों में से एक है. केंद्र सरकार के अभिलेखों में इसे राष्ट्रीय महत्व के संरक्षित स्मारक के रूप में दर्ज किया गया है. इसके संरक्षण से इस ऐतिहासिक धरोहर को सुरक्षित रखने के साथ सासाराम के पर्यटन महत्व को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है.
