Rohtas News: सासाराम सदर की अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) प्रिया रानी मंगलवार को अचानक करगहर प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय पहुंचीं. प्रशासनिक अमले के साथ अचानक हुए इस औचक निरीक्षण से प्रखंड एवं अंचल कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया. एसडीओ ने विभिन्न विभागों की संचिकाओं, राजस्व से जुड़े अभिलेखों और दाखिल-खारिज की फाइलों की गहन जांच की. कई मामलों के अनावश्यक रूप से लंबित पाए जाने पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई और कार्यशैली में सुधार लाने की सख्त हिदायत दी.
संचिकाओं को अद्यतन रखने और त्वरित निष्पादन का आदेश
एसडीओ ने जांच के दौरान पाया कि आम जनता से जुड़े कई आवेदन लंबे समय से निष्पादित नहीं हुए हैं. इस पर उन्होंने अधिकारियों और कर्मियों को सभी रिकॉर्ड हमेशा अद्यतन (अपडेट) रखने का कड़ा निर्देश दिया. उन्होंने दो टूक कहा कि सरकारी दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन करते हुए लंबित मामलों का निपटारा तेज गति से किया जाए. प्रशासनिक ढिलाई की वजह से किसी भी फाइल को बेवजह दबाकर रखने की प्रवृति बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
आम जनता के साथ संवेदनशील व्यवहार की हिदायत
कार्यालय में अपनी शिकायतें और काम लेकर पहुंचे ग्रामीणों से बातचीत करते हुए एसडीओ ने कर्मियों को संवेदनशीलता बरतने की नसीहत दी. उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया, "अपनी समस्या लेकर कार्यालय पहुंचने वाले आम लोगों की बात पूरी गंभीरता से सुनी जाए. नियमानुसार जो भी समाधान संभव हो, उसे तत्काल पूरा किया जाए ताकि किसी भी निर्दोष व्यक्ति या किसान को दफ्तर के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें." इसके अलावा उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर इलाके की समस्याओं पर मंथन किया.
चार विद्यालयों में औचक मुआयना, बच्चों से संवाद
प्रखंड सह अंचल कार्यालय का निरीक्षण पूरा करने के बाद एसडीओ प्रिया रानी ने सीधे स्कूलों का रुख किया. उन्होंने प्राथमिक विद्यालय निमडिहरा, बालिका उच्च विद्यालय खरारी, प्राथमिक विद्यालय सहुआड़ और उर्दू विद्यालय बभनी का औचक मुआयना किया. विद्यालयों में उन्होंने कक्षा-कक्षों में जाकर छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद किया. बच्चों से किताबों के पाठ पढ़वाए, सामान्य ज्ञान के सवाल पूछे और उनसे प्रतिदिन समय पर स्कूल आने का संकल्प दिलवाया.
शैक्षणिक व्यवस्था दुरुस्त रखने के कड़े निर्देश
एसडीओ ने चारों विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों से शिक्षकों की उपस्थिति पंजी, छात्र नामांकन रजिस्टर और मिड-डे मील (एमडीएम) से जुड़ी संचिकाओं की पड़ताल की. उन्होंने विद्यालय प्रबंधन को शैक्षणिक वातावरण को अधिक गुणवत्तापूर्ण बनाने और बच्चों के सीखने के स्तर पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए. एसडीओ के इस औचक दौरे से प्रखंड स्तरीय दफ्तरों से लेकर शैक्षणिक संस्थानों तक पूरी प्रशासनिक व्यवस्था अलर्ट मोड पर आ गई है.
