Sasaram News:(संदेश जायसवाल) गरीबी और आर्थिक मजबूरी का असर अब सड़कों पर साफ दिखाई देने लगा है. बिहार के कई जिलों में नियमों को ताक पर रखकर दौड़ रहे नाबालिग चालक. जहां ये बच्चे पढ़ाई-लिखाई की जगह ई-रिक्शा और ऑटो चलाकर परिवार की आय में योगदान देने को मजबूर हैं. कम उम्र में जिम्मेदारी का बोझ उठाने के कारण ये बच्चे सीधे सड़कों पर वाहन लेकर उतर जा रहे हैं, जहां उन्हें न तो यातायात नियमों की समझ है और न ही सुरक्षित ड्राइविंग का अनुभव. ऐसा ही एक मामला रोहतास जिले से सामने आया है. जहां चेनारी–कुदरा–मल्हीपुर स्टेट हाईवे सहित प्रखंड के विभिन्न ग्रामीण इलाके में नाबालिगों द्वारा ई-रिक्शा और ऑटो चलाना आम बात बन चुकी है. चेनारी बाजार, मल्हीपुर, तेलारी, खुरमाबाद और कुदरा मार्ग सहित आसपास के इलाकों में सुबह से देर शाम तक किशोर चालक सवारियां ढोते नजर आते हैं.
इन चालकों के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नही होता
ऐसे अधिकांश वाहनों के चालकों के पास न तो वैध ड्राइविंग लाइसेंस होता है और न ही यातायात नियमों की जानकारी. इसके बावजूद ये तेज रफ्तार में सवारियां लेकर सड़कों पर दौड़ रहे हैं. जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है.
हादसे ने खोली व्यवस्था की पोल
बीतेदिन को चेनारी नगर पंचायत के डाक बंगला मार्केट के पास एक ई-रिक्शा अनियंत्रित होकर पलट गया. इस हादसे में कई यात्री घायल हो गए.
लोगों के अनुसार, वाहन एक नाबालिग चला रहा था और तेज गति के कारण उसका नियंत्रण बिगड़ गया, जिससे ई-रिक्शा सड़क पर पलट गया. घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोगों में आक्रोश फैल गया.
लापरवाही और ओवरलोडिंग बढ़ा रही खतरा
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई अभिभावक आर्थिक लाभ के कारण बच्चों को कम उम्र में ही वाहन चलाने के लिए भेज देते हैं. कई बार ई-रिक्शा और ऑटो में क्षमता से अधिक सवारियां बैठा ली जाती हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका और भी बढ़ जाती है. ग्रामीणों में विशाल जायसवाल, अशोक कुमार और साबिर अली सहित अन्य लोगों ने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है.
पुलिस की सख्त चेतावनी
इस मामले में थानाध्यक्ष ने कहा कि नाबालिगों द्वारा वाहन चलाना कानूनन अपराध है. पुलिस समय-समय पर वाहन जांच अभियान चलाती है और यदि कोई नाबालिग ई-रिक्शा या ऑटो चलाते हुए पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. साथ ही अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे बच्चों को वाहन चलाने के लिए सड़क पर न भेजें.
स्थानीय लोगों की मांग पर तुरंत हो कार्रवाई
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन और परिवहन विभाग से मांग की है कि इस पर विशेष अभियान चलाकर रोक लगाई जाए. साथ ही नाबालिग चालकों और उनके अभिभावकों पर भी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि सड़क हादसों पर लगाम लग सके और किसी बड़े हादसे को टाला जा सके.
