Sasaram News: रोहतास जिले के करगहर थाना क्षेत्र अंतर्गत लहुआरा गांव में महान समाजसेवी, मूर्धन्य शिक्षाविद एवं ‘गुरुजी’ के नाम से जन-जन में प्रसिद्ध स्वर्गीय रामदेव सिंह की 21वीं पुण्यतिथि रविवार, 31 मई को अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और गरिमामयी माहौल में मनाई गई. इस विशेष स्मृति कार्यक्रम का सफल नेतृत्व चौखंडी पथ विद्यालय के प्रधानाध्यापक उमेश कुमार सिंह ने किया. इस अवसर पर गुरुजी के तैलचित्र और प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के लिए स्थानीय ग्रामीणों और शुभचिंतकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी.
पवित्र आत्मा की शांति के लिए गूंजा महामंत्र, अखंड हरिकीर्तन व शिव चर्चा का आयोजन
पुण्यतिथि कार्यक्रम के पावन अवसर पर स्वर्गीय रामदेव सिंह की पवित्र आत्मा की शांति के लिए सुबह से ही वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत पूजा-अर्चना का दौर शुरू हुआ. इसके पश्चात गांव में चौबीस घंटे का अखंड हरिकीर्तन, शिव चर्चा और भक्तिमय भजन-कीर्तन का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें आस-पास के कई गांवों से बड़ी संख्या में महिला व पुरुष श्रद्धालुओं ने भाग लिया. पूरे दिन पूरा लहुआरा गांव भक्तिमय भजनों और हरे-राम, हरे-कृष्ण के महामंत्र से गुंजायमान रहा. कार्यक्रम में उपस्थित प्रबुद्ध जनों ने गुरुजी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनके बताए गए सत्य व सेवा के आदर्शों पर चलने का सामूहिक संकल्प लिया.
शिक्षा, समाज सेवा और मानवीय मूल्यों के संरक्षण में दिया अतुलनीय योगदान
गोष्ठी को संबोधित करते हुए प्रबुद्ध वक्ताओं ने स्वर्गीय रामदेव सिंह के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि गुरुजी उच्च कोटि के समाजसेवी, दूरदर्शी शिक्षाविद एवं तत्कालीन समाज के सबसे सम्मानित व मार्गदर्शक व्यक्तियों में से एक थे. उन्होंने अपने संपूर्ण जीवनकाल में ग्रामीण इलाकों में शिक्षा के उजियारे को फैलाने, समाज सेवा को गति देने और मानवीय मूल्यों के संरक्षण के लिए कई ऐतिहासिक व अतुलनीय योगदान दिए. उनके द्वारा किए गए परोपकारी कार्य आज भी नई पीढ़ी और पूरे समाज के लिए एक मजबूत प्रेरणास्रोत बने हुए हैं.
पुण्यतिथि कार्यक्रम में जुटी गुरुजी की पूरी पारिवारिक विरासत, सैकड़ों ग्रामीण रहे मौजूद
इस भावपूर्ण पुण्यतिथि कार्यक्रम में स्वर्गीय रामदेव सिंह के परिवार के सदस्य और उनकी पूरी विरासत एकजुट दिखाई दी. मौके पर मुख्य रूप से अशोक कुमार सिंह, कमलेश कुमार सिंह, रमेश कुमार सिंह, कमला सिंह, सुनीता सिंह, विजेंती सिंह, अनीता सिंह, सुजाता सिंह, अश्वनी, विकास, विवेक, अभिषेक, रोहित, विशाल, आरती, अर्चना एवं सान्या सहित भारी संख्या में लहुआरा गांव के प्रबुद्ध नागरिक, युवा और गुरुजी के पुराने शुभचिंतक उपस्थित रहे. सभी ने एक सुर से गुरुजी के विराट व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद करते हुए उन्हें अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए.
Also Read:भोजपुर में दर्दनाक हादसा, सोन नदी में नहाने के दौरान तीन बच्चे डूबे, एक की तलाश जारी
