Rohtas news : बिहार के सरकारी स्कूलों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में कार्यरत शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों को अब औपचारिक (फॉर्मल) ड्रेस में ही विद्यालय आना होगा. शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक गरिमा और अनुशासन बनाए रखने के लिए सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं. निर्देशों की अनदेखी करने वाले कर्मियों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी.
शिक्षा विभाग ने जारी किया सख्त निर्देश
निदेशक (प्रशासन) की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि 9 अक्टूबर 2024 को जारी दिशा-निर्देशों के बावजूद कई स्कूलों में उनका पालन नहीं हो रहा है. विभाग ने इसे शैक्षणिक वातावरण और संस्थानों की गरिमा के प्रतिकूल बताते हुए सभी जिलों में शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है.
जींस, टी-शर्ट और कुर्ता-पायजामा पर रोक
जिला शिक्षा पदाधिकारी मदन राय ने बताया कि शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मी अनौपचारिक परिधान जैसे जींस, टी-शर्ट और कुर्ता-पायजामा पहनकर विद्यालय नहीं आएंगे. पुरुष कर्मियों को फॉर्मल फुल या हाफ शर्ट, फॉर्मल ट्राउजर या पैंट, जूते तथा सर्दियों में ब्लेजर या कोट पहनने की सलाह दी गई है. वहीं महिला कर्मियों के लिए साड़ी सहित गरिमापूर्ण औपचारिक परिधान निर्धारित किए गए हैं.
उल्लंघन पर होगी विभागीय कार्रवाई
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि शिक्षण एवं कार्यालय अवधि के दौरान सभी कर्मियों को गरिमायुक्त औपचारिक परिधान में रहना होगा. यदि किसी शिक्षक या शिक्षकेत्तर कर्मी के फॉर्मल ड्रेस में नहीं आने की सूचना मिलती है तो विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी.
स्कूलों में गरिमापूर्ण माहौल बनाए रखने पर जोर
विभाग ने जिला शिक्षा पदाधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि स्कूल परिसर में किसी भी प्रकार की अमर्यादित या शैक्षणिक गरिमा के प्रतिकूल गतिविधियां न हों. साथ ही निर्देशों के अनुपालन को लेकर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी विभाग को भेजनी होगी.
