सासाराम. शिक्षा की गुणवत्ता और नवाचारी शिक्षण पद्धति के क्षेत्र में रोहतास जिले ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है. प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग (पीबीएल) के प्रभावी क्रियान्वयन के आधार पर जिले ने पूरे बिहार में दूसरा स्थान प्राप्त किया है. जिले के 799 मध्य विद्यालयों में इस आधुनिक शिक्षण पद्धति का सफल संचालन किया गया, जिससे छात्रों में रचनात्मक सोच, समस्या समाधान क्षमता, टीमवर्क, संवाद कौशल और आत्मविश्वास का उल्लेखनीय विकास हुआ है.
महज नौ स्कूलों के कारण प्रथम स्थान से चूका जिला
रोहतास जिले ने राज्य में प्रथम स्थान के लिए मजबूत दावेदारी पेश की थी, लेकिन बिक्रमगंज के एक, काराकाट के दो, संझौली के दो, राजपुर के एक और नासरीगंज के तीन विद्यालयों से निर्धारित मानकों के अनुरूप साक्ष्य समय पर उपलब्ध नहीं हो सके. इसी वजह से जिला मामूली अंतर से पहले स्थान से चूक गया. इसके बावजूद बिहार में दूसरा स्थान हासिल करना शिक्षा विभाग के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है. अब अगले सत्र में प्रथम स्थान प्राप्त करने का लक्ष्य तय किया गया है.
क्या है प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग
प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग नई शिक्षा नीति 2020 की प्रमुख अवधारणाओं में शामिल है. इस पद्धति में छात्र केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि वास्तविक समस्याओं पर कार्य करते हुए जानकारी जुटाते हैं, समूह में चर्चा करते हैं, प्रयोग करते हैं, मॉडल तैयार करते हैं और अपने निष्कर्ष प्रस्तुत करते हैं. इससे विद्यार्थियों में आलोचनात्मक चिंतन, नेतृत्व क्षमता, सहयोग की भावना और व्यवहारिक ज्ञान का विकास होता है. पीबीएल के अंतर्गत माइक्रो इम्प्रूवमेंट प्रोजेक्ट (एमआईपी) के माध्यम से विद्यालय स्थानीय समस्याओं के समाधान में भी छात्रों की भागीदारी सुनिश्चित करते हैं.
टीमवर्क और बेहतर नेतृत्व से मिली सफलता
शिक्षा विभाग के अनुसार इस उपलब्धि के पीछे जिला तकनीकी टीम की सदस्य गज़ाला फातमा की महत्वपूर्ण भूमिका रही. उन्होंने विद्यालयों का लगातार अनुश्रवण कर शिक्षकों को तकनीकी मार्गदर्शन दिया और गुणवत्तापूर्ण साक्ष्य तैयार कराने में सहयोग किया. वहीं जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना रजनीश कुमार उपाध्याय के नेतृत्व में पूरे जिले में पीबीएल का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया गया. जिला शिक्षा एवं शिक्षक समन्वयक कृष्ण कुमार राम और जिला तकनीकी टीम के सदस्य अनुराग मिश्रा ने भी प्रशिक्षण और समन्वय में अहम योगदान दिया.
अगले सत्र में बिहार में नंबर वन बनने का लक्ष्य
शिक्षा विभाग का मानना है कि यह उपलब्धि केवल एक रैंक नहीं, बल्कि सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण और नवाचारी शिक्षा के प्रति शिक्षकों की प्रतिबद्धता का प्रमाण है. जिले के शिक्षकों और शिक्षा कर्मियों ने इस सफलता पर खुशी जताते हुए अगले सत्र में रोहतास को बिहार में प्रथम स्थान दिलाने का संकल्प लिया है.
