Rohtas News (सुजीत कुमार की रिपोर्ट): रोहतास जिले के शिवसागर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब सिविल सर्जन डॉ. मणिराज के औचक निरीक्षण के दौरान प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अभिषेक कुंदन कथित रूप से नशे की हालत में पाए गए. मामले की गंभीरता को देखते हुए सिविल सर्जन ने तत्काल जिला प्रशासन को इसकी जानकारी दी और आगे की कार्रवाई शुरू करायी.
स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लेने पहुंचे थे सिविल सर्जन
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सिविल सर्जन स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का जायजा लेने के लिए अचानक शिवसागर सीएचसी पहुंचे थे. निरीक्षण के दौरान प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी का व्यवहार असामान्य प्रतीत हुआ. बातचीत और कार्य निष्पादन की स्थिति को देखते हुए सिविल सर्जन को संदेह हुआ कि वे नशे के प्रभाव में हैं.
डीएम और एसपी को दी गई सूचना
मामले को गंभीरता से लेते हुए सिविल सर्जन ने इसकी सूचना तत्काल जिला पदाधिकारी (डीएम) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) को दी. इसके बाद पूरे मामले को लेकर प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई.
स्वास्थ्य विभाग में मची हलचल
घटना की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई. अस्पताल परिसर में मौजूद कर्मियों और मरीजों के बीच भी पूरे मामले को लेकर चर्चा का माहौल बना रहा.
चिकित्सीय जांच की प्रक्रिया शुरू
बताया जा रहा है कि संबंधित चिकित्सक की चिकित्सीय जांच कराने और पूरे प्रकरण की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
अनुशासनहीनता पर होगी कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्राथमिक जिम्मेदारी है. ऐसे में यदि किसी अधिकारी या कर्मी द्वारा कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही या अनुशासनहीनता बरती जाती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
जांच रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल प्रशासन मामले की जांच में जुटा है. जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित चिकित्सक के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की दिशा में निर्णय लिया जाएगा. घटना के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल उठने लगे हैं.
