रोहतास से रविकांत पांडेय की रिपोर्ट
Rohtas Indrapuri Barrage Water News: रोहतास जिले सहित पूरे सोन कमांड क्षेत्र के किसानों के लिए कलेक्ट्रेट और जल संसाधन विभाग के गलियारे से खबर सामने आई है. धान की रोपनी और खरीफ फसलों की सिंचाई की बढ़ती मांग को देखते हुए इंद्रपुरी बराज से सभी लिंक नहरों में पानी की निर्बाध आपूर्ति शुरू कर दी गई है. बराज को पड़ोसी राज्यों के रिहंद और वाणसागर जलाशयों से पर्याप्त मात्रा में पानी मिल रहा है, जिससे बराज का जलस्तर पूरी तरह मेंटेन है. सिंचाई सृजन जल संसाधन विभाग, डेहरी के मुख्य अभियंता अजय कुमार सिंह ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि सोमवार की दोपहर दो बजे इंद्रपुरी बराज पर कुल 9,535 क्यूसेक पानी मुस्तैद और उपलब्ध था.
नहरों में मांग के अनुरूप छोड़े जा रहे पानी का पूरा आंकड़ा
मुख्य अभियंता के अनुसार, कलेक्ट्रेट और कृषि विभाग के समन्वय से किसानों की मांग के अनुरूप सभी मुख्य नहरों में पानी का वितरण बेहद सुचारू रूप से किया जा रहा है. बराज से विभिन्न नहरों में पानी छोड़े जाने की आधिकारिक रिपोर्ट इस प्रकार है. इस मुख्य नहर में किसानों की भारी मांग को देखते हुए सबसे ज्यादा 5,004 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है. सिंचाई की निरंतरता बनाए रखने के लिए इसमें 1,716 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है. इस क्षेत्र के कप्तानों और किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए इसमें 2,815 क्यूसेक पानी की आपूर्ति चालू है.
रिहंद और वाणसागर से हो रही पानी की बंपर आवक
जल संसाधन विभाग के तकनीकी कप्तानों ने बताया कि वर्तमान में बराज को ऊपरी जलाशयों से बेहतरीन बैकअप मिल रहा है. इसमें उत्तर प्रदेश के रिहंद जलाशय से 7,575 क्यूसेक और मध्य प्रदेश स्थित वाणसागर जलाशय से 5,330 क्यूसेक जल लगातार उपलब्ध हो रहा है. इसी पर्याप्त इनफ्लो के कारण बराज पर पाउंड लेवल पूरी तरह मेंटेन रखने में सिंचाई विभाग को बड़ी सफलता मिली है.
355 फीट जलस्तर मेंटेन रखने के लिए सभी 69 गेट किए गए बंद
बराज प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में बराज पर जलस्तर को 355 फीट के अनिवार्य पाउंड लेवल पर बनाए रखना सबसे मुख्य लक्ष्य है. इस तय जलस्तर को मेंटेन रखने के लिए सोन नदी के निचले हिस्से (डाउनस्ट्रीम) में पानी का डिस्चार्ज पूरी तरह से रोक दिया गया है.
जल की बर्बादी रोकने और नहरों का प्रेशर बनाए रखने के लिए बराज के सभी 69 गेटों को पूरी तरह बंद रखा गया है. विभाग के अभियंताओं की टीम चौबीसों घंटे बराज पर मुस्तैद है और कलेक्ट्रेट के नियंत्रण कक्ष से इसकी मॉनिटरिंग की जा रही है. नहरों में समय पर पानी पहुंचने से रोहतास, औरंगाबाद, बक्सर और भोजपुर जिले के किसानों के चेहरे खिल गए हैं और खेतों में खरीफ सीजन की गतिविधियां तेज हो गई हैं.
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