जिस उम्र में हाथों में होनी चाहिए थी किताब, करा रहे थे मजदूरी, रोहतास में 3 बाल श्रमिक मुक्त

Rohtas Child Labour Rescue : रोहतास जिले में बाल श्रम के खिलाफ कार्रवाई करते हुए श्रम विभाग की टीम ने दो स्थानों पर छापेमारी कर तीन बच्चों को मुक्त कराया है. मुक्त कराए गए बच्चों को 3-3 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है.

Rohtas Child Labour Rescue : बाल श्रम के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान के तहत श्रम विभाग की टीम ने गुरुवार को रोहतास जिले में दो अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर तीन बाल श्रमिकों को काम से मुक्त कराया. कार्रवाई के बाद रेस्क्यू किये गये तीनों बच्चों को आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया.

दो जगहों पर छापेमारी कर तीन बाल श्रमिक मुक्त

श्रम विभाग की टीम ने बाल श्रम की सूचना के आधार पर संबंधित स्थानों पर जांच और छापेमारी की. इस दौरान तीन बच्चे काम करते पाए गये. टीम ने तत्काल उन्हें श्रम से मुक्त कराया और उनके संबंध में आवश्यक जानकारी जुटायी.

बाल कल्याण समिति के सामने पेश किये गये बच्चे

रेस्क्यू के बाद तीनों बच्चों को नियमानुसार बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया. समिति ने बच्चों की स्थिति को देखते हुए उनके संरक्षण और पुनर्वास को लेकर आवश्यक प्रक्रिया पूरी की.

तीनों बच्चों को मिली 3-3 हजार रुपये की आर्थिक सहायता

बाल कल्याण समिति की ओर से तीनों बच्चों को तीन-तीन हजार रुपये की आर्थिक सहायता दिलायी गयी. समिति ने बच्चों के हित को ध्यान में रखते हुए उनके संरक्षण, पुनर्वास और शिक्षा से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिये.

बच्चों को दोबारा बाल श्रम में जाने से रोकने पर जोर

समिति की ओर से यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि मुक्त कराये गये बच्चों को दोबारा बाल श्रम में नहीं जाना पड़े. साथ ही उन्हें शिक्षा और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया.

बाल श्रम कराने वालों में कार्रवाई को लेकर चिंता

श्रम विभाग की लगातार हो रही कार्रवाई से बाल श्रम कराने वाले लोगों में हड़कंप मचा हुआ है. अधिकारियों का कहना है कि बाल श्रम कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा.

कार्यस्थलों पर जारी रहेगी जांच

अधिकारियों के अनुसार विभिन्न प्रतिष्ठानों और कार्यस्थलों पर जांच की जायेगी. जहां भी नाबालिग बच्चों से काम कराया जाता पाया जायेगा, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी.

बच्चों को शिक्षा और सुरक्षित बचपन देना प्राथमिकता

अधिकारियों ने कहा कि बच्चों को श्रम से मुक्त कर उन्हें शिक्षा, संरक्षण और सुरक्षित बचपन उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है. इसके लिए श्रम विभाग के साथ बाल संरक्षण से जुड़े अन्य विभागों और संस्थाओं के बीच समन्वय बनाकर कार्रवाई की जा रही है.

बाल श्रम की सूचना देने की अपील

बाल श्रम के खिलाफ अभियान के तहत विभाग की ओर से लोगों से भी अपील की जा रही है कि वे बच्चों से किसी भी प्रकार का श्रम नहीं करायें. यदि कहीं बाल श्रम कराया जा रहा है, तो इसकी सूचना संबंधित विभाग को दें, ताकि समय रहते बच्चों को श्रम से मुक्त कराकर उनके अधिकार और सुरक्षित भविष्य की रक्षा की जा सके.

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By मो. आरिफ खान

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