मुक्ति धाम को कब्जे से मुक्त कराने के लिए सड़क पर उतारे लोग

शव का दाह-संस्कार रोकने को लेकर दो पक्ष आमने-सामने

शव का दाह-संस्कार रोकने को लेकर दो पक्ष आमने-सामने

अधिकारियों की पहल पर मामला हुआ शांत

प्रतिनिधि, सासाराम ग्रामीण.

सासाराम मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बैजला गांव में बुधवार को मुक्तिधाम की जमीन को मुक्त कराने के लिए लोग सड़क पर उतार आये. इस सड़क जाम से दो घंटे तक आरा-सासाराम पथ पर आवागमन प्रभावित रहा. मुक्तिधाम में शव जलाने को लेकर दो पक्ष आमने-सामने हो गये और उसके बाद लोग सड़क पर उतर प्रदर्शन करने लगे. प्राप्त जानकारी के अनुसार, बैजला गांव निवासी हीरालाल राम की 60 वर्षीय पत्नी राजकुमारी देवी की बनारस में इलाज के दौरान मौत हो गयी थी. मौत के बाद शव को लेकर पीड़ित परिवार आरा-सासाराम पथ के किनारे एक सरकारी भूमि पर शव जलाने के लिए पहुंचे. लेकिन, दूसरे पक्ष ने उक्त स्थल पर शव जलाने का विरोध शुरू कर दिया. इसके बाद दोनों पक्ष आमने-सामने हो गये. शव को जलाने से रोके जाने पर आक्रोशित ग्रामीणों ने आरा-सासाराम मुख्य सड़क को जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया.

पुलिस को करनी पड़ी मशक्कत

सड़क पर शव के साथ प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि उक्त सरकारी भूमि पर बीते कई दशकों से ग्रामीण शव जलाते आ रहे हैं. अब नेकरा गांव के कुछ दबंग प्रवृत्ति के लोग उक्त स्थल पर शव जलाने का विरोध कर रहे हैं. इधर, सड़क जाम की सूचना मिलते ही अगरेर व सासाराम मुफस्सिल थाने की पुलिस घटनास्थल पर पहुंच गयी और लोगों को किसी तरह समझा-बुझाकर सड़क से हटा दिया. इससे आरा-सासाराम सड़क पर यातायात एक बार फिर सामान्य रूप से चालू हो गया. इस दौरान पुलिस को करीब एक घंटे तक कड़ी मशक्कत करनी पड़ी और सड़क जाम में फंसे वाहन चालकों को काफी परेशानियों का भी सामना करना पड़ा.

क्या कहते हैं एसपी

इस संबंध में एसपी रौशन कुमार ने बताया कि शव जलाने को लेकर दो पक्षों में उपजे विवाद को सुलझा लिया गया है और फिलहाल यातायात व्यवस्था भी पूरी तरह सामान्य है.

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By ANURAG SHARAN

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