Raksha Bandhan 2026 : प्रतिनिधि, चेनारी. भाई-बहनों के पावन प्रेम का त्योहार रक्षाबंधन आगामी 28 अगस्त को मनाया जाएगा. इस दिन बहनें शुभ मुहूर्त में अपने भाई की कलाई पर राखी बांधेंगी. पर्व को लेकर चेनारी की स्थानीय मंडियों में राखियों की दुकानें सज गई हैं और खरीदारी के लिए महिलाओं की भीड़ जुटने लगी है.
चेनारी बाजार में सजीं फैंसी और रंग-बिरंगी राखियां
रक्षाबंधन को लेकर स्थानीय बाजार में रेशम की डोरी से लेकर रंग-बिरंगी और आधुनिक डिजाइन वाली फैशनेबल राखियां उपलब्ध हैं. बहनें अपने भाइयों के लिए पसंदीदा राखी खरीदने में जुटी हैं. दुकानदारों के अनुसार इस बार फैंसी और जड़ी वाली राखियों की मांग अधिक है.
दिल्ली और कोलकाता से मंगाई गई 25 लाख की राखियां
चेनारी के कारोबारियों ने रक्षाबंधन को लेकर दिल्ली और कोलकाता की मंडियों से करीब 25 लाख रुपये की राखियां मंगाई हैं. व्यवसायी संदेश जायसवाल, अशोक कुमार, आदित्य राज, छोटू जायसवाल और राजकुमार ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों से ग्राहक अभी से राखी की खरीदारी के लिए बाजार पहुंचने लगे हैं. इससे थोक और खुदरा कारोबारियों की बिक्री बढ़ी है.
महंगी जड़ी वाली राखियों की बढ़ी मांग
गोला रोड सहित अन्य मंडियों के राखी कारोबारियों का कहना है कि इस बार फैंसी और जड़ी वाली महंगी राखियों की मांग में इजाफा हुआ है. कारोबारियों ने करीब एक माह पहले ही कोलकाता और दिल्ली से अलग-अलग डिजाइन की राखियों का ऑर्डर दिया था. बाजार में सिंथेटिक, सिल्वर और गोल्ड प्लेटेड राखियों के साथ कई आकर्षक डिजाइन उपलब्ध हैं.
बच्चों को पसंद आ रही मोटू-पतलू और डोरेमॉन वाली राखियां
बाजार में बच्चों के लिए भी कई तरह की आकर्षक राखियां मौजूद हैं. मोटू-पतलू, डोरेमॉन, टेडी बियर और छोटा भीम जैसे कार्टून कैरेक्टर वाली राखियां बच्चों को खूब पसंद आ रही हैं. रंग-बिरंगे नगों और आकर्षक डिजाइन से सजी राखियों की भी अच्छी बिक्री हो रही है.
10 से 300 रुपये तक उपलब्ध हैं राखियां
चेनारी बाजार में इस बार 10 रुपये से लेकर 300 रुपये तक की राखियां उपलब्ध हैं. वहीं लोगों की मांग को देखते हुए चांदी की राखियां भी बाजार में मंगाई गई हैं. सोने-चांदी की दुकानों पर भी अलग-अलग डिजाइन की राखियां उपलब्ध हैं, जिनकी कीमत करीब 500 रुपये से शुरू हो रही है.
कारोबारियों के चेहरे पर दिखी रौनक
राखियों की बिक्री शुरू होने के साथ दुकानदारों के चेहरे पर भी खुशी नजर आ रही है. कारोबारियों को उम्मीद है कि रक्षाबंधन नजदीक आने के साथ बाजार में खरीदारी और बढ़ेगी. ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग राखी खरीदने चेनारी की मंडियों में पहुंच रहे हैं.
रक्षाबंधन पर शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व
आचार्य पं. बामदेवजी ने बताया कि इस बार रक्षाबंधन शुक्रवार को पड़ रहा है. इस दिन सुकर्मा योग, शतभिषा नक्षत्र और मीन राशि में चंद्रमा की स्थिति रहेगी. इन ग्रह-नक्षत्रों के संयोग को शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है. ऐसे में भाई की कलाई पर राखी बांधने और पूजा करने के लिए शुभ समय का विशेष महत्व रहेगा.
28 अगस्त को सुबह इस समय बांधें राखी
पंचांग के अनुसार 28 अगस्त को सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधना शुभ रहेगा. इस अवधि में बहनें भाई की कलाई पर राखी बांधकर उनकी सुख-समृद्धि और लंबी आयु की कामना कर सकती हैं. शुभ मुहूर्त में पूजा और राखी बांधने से पर्व का धार्मिक महत्व भी बढ़ जाता है.
प्रेम और सुरक्षा का संकल्प है रक्षाबंधन
धार्मिक मान्यता के अनुसार देवेंद्र इंद्र को युद्ध पर जाने से पहले इंद्राणी ने रक्षासूत्र बांधा था. रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम और भाई की ओर से बहन की सुरक्षा के संकल्प का प्रतीक माना जाता है. पूर्णिमा के दिन बहन भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती है और उसके सुखी एवं स्वस्थ जीवन की कामना करती है.
तिलक और आरती के बाद खिलाई जाती है मिठाई
राखी बांधने के बाद अनामिका अंगुली से भाई के ललाट पर तिलक लगाने और आरती करने की परंपरा है. इसके बाद तिलक पर अक्षत लगाकर भाई की लंबी आयु और सुख-समृद्धि की कामना की जाती है. भाई के जीवन में मिठास बनी रहे, इसलिए बहन उसे मिठाई खिलाती है. इसके बाद भाई अपनी बहन को उपहार देकर प्रेम और सुरक्षा का वचन देता है.
