Rohtas Rehal to Fort Road : सावन शुरू होने में अब महज दो दिन का समय बचा है, लेकिन कैमूर पहाड़ी पर स्थित ऐतिहासिक रोहतासगढ़ किला और रोहितेश्वर मंदिर जाने वाले रास्ते की हालत बेहद खराब बनी हुई है. रेहल से किला तक जाने वाला मार्ग बारिश की वजह से पूरी तरह जर्जर हो चुका है, जिससे इस बार सावन में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.
हर साल सावन के महीने में देश के अलग-अलग हिस्सों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक यहां पहुंचते हैं. लेकिन इस बार रास्ते की बदहाल स्थिति लोगों के लिए बड़ी चुनौती बनती दिख रही है.
बारिश ने बिगाड़ी सड़क की हालत
रेहल से किला और आगे रोहितेश्वर मंदिर तक जाने वाली सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं. लगातार हो रही बारिश ने सड़क की सूरत पूरी तरह बिगाड़ दी है. कई जगहों पर पानी भरा हुआ है, जिससे गड्ढों का अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो गया है.
इस स्थिति में वाहन चालकों और पैदल जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है. खासकर रात के समय यह रास्ता और भी ज्यादा खतरनाक हो जाता है.
Sawan : सावन से पहले मरम्मत की उम्मीद टूटी
करीब एक सप्ताह पहले जिलाधिकारी ने क्षेत्र का दौरा किया था और रोहतासगढ़ किला व रोहितेश्वर मंदिर में दर्शन भी किया था. इसके बाद स्थानीय लोगों और वनवासी समुदाय में उम्मीद जगी थी कि सावन शुरू होने से पहले सड़क की मरम्मत कर दी जाएगी.
लेकिन अब तक किसी तरह का काम शुरू नहीं हो सका है. ऐसे में सावन के दौरान श्रद्धालुओं को इसी खराब रास्ते से होकर गुजरना पड़ेगा.
दूरी और परेशानी का सफर
रोहतास प्रखंड मुख्यालय से रोहतासगढ़ किला और रोहितेश्वर मंदिर की कुल दूरी करीब 40 किलोमीटर है. रेहल से आगे जहां सड़क खराब है, वहां से किला लगभग 15 किलोमीटर और मंदिर करीब 20 किलोमीटर दूर है.
इस लंबे रास्ते में खराब सड़क श्रद्धालुओं के लिए और ज्यादा मुश्किलें खड़ी कर रही है. खासकर बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं.
मुखिया ने जताई उम्मीद
रोहतास गढ़ पंचायत के मुखिया नागेंद्र यादव ने बताया कि जिलाधिकारी ने हाल ही में क्षेत्र का दौरा किया है और हालात को देखा है. उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन जल्द ही सड़क का अस्थायी समाधान निकाल सकता है, ताकि श्रद्धालुओं को कुछ राहत मिल सके.
सावधानी बरतने की अपील
स्थानीय लोगों ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान पूरी सावधानी बरतें. खराब रास्ते और पानी भरे गड्ढों को देखते हुए धीरे-धीरे और सतर्क होकर यात्रा करें, ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके.
फिलहाल, सावन जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक अवसर से पहले सड़क की ऐसी हालत प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर रही है. अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में हालात में कोई सुधार होता है या नहीं.
