बकरीद की नमाज अदा कर मांगीं दुआएं

आपसी सौहार्द एवं प्रेम के प्रतीक कहे जाने वाले ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पर्व सोमवार को परंपरागत तरीके से भाईचारे के साथ पूरे जिले में मनाया गया.

सासाराम सदर. आपसी सौहार्द एवं प्रेम के प्रतीक कहे जाने वाले ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पर्व सोमवार को परंपरागत तरीके से भाईचारे के साथ पूरे जिले में मनाया गया. इस दौरान हर्षोल्लास के साथ शहर से लेकर गांव व कस्बे तक अकीदतमंदों ने मस्जिद, ईदगाह सहित अपने-अपने घरों में भी नमाज अदा कर दुआएं मांगीं. इस अवसर पर नन्हे-मुन्ने बच्चे से लेकर बुजुर्ग, युवा वर्ग के लोगों तक ने एक-दूसरे को गले मिल पर्व की बधाई दी. पर्व को लेकर मुस्लिम अकीदतमंदों ने सुबह से ही घर परिवार से लेकर रिश्तेदारों में बधाइयां देने का सिलसिला शुरू कर दिया था. इसके बाद मुस्लिम अकीदतमंदों ने सफेद कुर्ता व पजामा पहन कर पूरे दिन एक-दूसरे को बधाइयां दी और देर शाम तक परिवार के सदस्यों का एक-दूसरे के घर आना जाना लगा रहा. वहीं, पर्व को लेकर राजनीतिक व सामाजिक वर्ग से जुड़े लोगों का एक-दूसरे के घर आना जाना लगा रहा. गौरतलब है कि ईद उल अजहा के अवसर पर लोग भेड़-बकरियों की बलि देकर मांस को अपने दोस्त व रिश्तेदार में भी वितरित करते हैं. इसको लेकर बकरीद का पर्व उमंग के साथ मनाने के लिए एक-दूसरे को अपने घर आमंत्रित करते दिखे. इधर, शहर के अधिकतर मस्जिदों में नमाज के लिए भीड़ देखने को मिली. शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए मस्जिदों की समीप सुरक्षाबल तैनात रहे.

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