Rohtas News : रोहतास जिले के संझौली और काराकाट प्रखंड के किसानों के सामने धान की रोपनी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है. पिछले एक सप्ताह से बारिश नहीं होने और राजपुर रजवाहा के टेल एंड तक पानी नहीं पहुंचने से खेत सूखे पड़े हैं. किसान मजबूरी में डीजल पंप के सहारे बोरिंग कर धान की रोपनी कराने की कोशिश कर रहे हैं.
रजवाहा में पानी नहीं, खेत पड़े सूखे
किसानों के अनुसार राजपुर रजवाहा में टेल एंड से करीब तीन किलोमीटर पहले ही पानी रुक जा रहा है. इसके कारण संझौली प्रखंड के चांवरिया, छुलकार, चांवरिया मठ समेत दर्जनभर गांव और काराकाट प्रखंड के खैराडीह, चिरैयाडीह, भोपातपुर सहित कई गांवों में धान की रोपनी प्रभावित हो गई है. लगातार बारिश नहीं होने से खेतों में नमी भी खत्म हो गई है.
बिजली संकट ने बढ़ाई किसानों की मुश्किल
किसान मनोज कुमार, महेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह, रामबालक सिंह और दूधनाथ सिंह ने बताया कि नहर में पानी नहीं है, बारिश भी नहीं हो रही और बिजली की आपूर्ति भी नियमित नहीं मिल रही है. कई गांवों में आज भी कृषि कार्य के लिए बिजली की सुविधा उपलब्ध नहीं है. किसानों का कहना है कि सरकार हर खेत को पानी और बिजली देने का दावा करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका लाभ नहीं मिल रहा है.
डीजल पंप के सहारे बचाने की कोशिश
काराकाट प्रखंड की अमरथा पंचायत के कंचनपुर, खैराडीह, चिरैयाडीह और गोपालपुर के किसान धान की फसल बचाने के लिए डीजल पंप से बोरिंग कर सिंचाई करा रहे हैं. किसानों का कहना है कि किसी तरह धान की रोपनी पूरी हो जाए, ताकि परिवार के लिए सालभर का अनाज तैयार किया जा सके.
बिजली विभाग ने बताई बाधा की वजह
बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें ऊपर से जितनी बिजली उपलब्ध कराई जाती है, उतनी ही आपूर्ति की जाती है. इसके अलावा 33 केवी, 11 केवी और 440 वोल्ट लाइन में तकनीकी खराबी आने के कारण भी कई बार बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है. इससे किसानों को सिंचाई के दौरान अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
