नोखा प्रखंड कार्यालय में कामकाज प्रभावित होने का संकट फिलहाल टल गया है. ग्रामीण विकास सेवा संघ के आह्वान पर नोखा बीडीओ समेत राज्यभर के बीडीओ और ग्रामीण विकास अधिकारियों का 21 सितंबर से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश स्थगित कर दिया गया है. विभागीय वार्ता में लंबित मांगों पर 30 दिनों के भीतर कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद संघ ने आंदोलन को फिलहाल टालने का फैसला लिया है.
नोखा बीडीओ शेफाली ने बताया कि विभाग की ओर से मिले आश्वासन के बाद सामूहिक अवकाश स्थगित किया गया है.
विभागीय अधिकारियों के साथ हुई वार्ता
ग्रामीण विकास सेवा संघ के प्रतिनिधियों की ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव, मनरेगा आयुक्त, जीविका के सीईओ हिमांशु शर्मा समेत अन्य वरीय अधिकारियों के साथ वार्ता हुई. इस दौरान संघ ने अपनी लंबित मांगों को प्रमुखता से रखा.
संघ की ओर से सेवा संरचना में सुधार, राज्य सेवा संवर्ग समेत विभिन्न मांगों पर विभाग के समक्ष अपनी बात रखी गई. वार्ता के दौरान विभाग की ओर से इन मांगों के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया गया.
30 दिनों में कार्रवाई का आश्वासन
वार्ता में लंबित मांगों पर कार्रवाई के लिए 30 दिनों की समय-सीमा तय करने की बात कही गई. विभाग के आश्वासन के बाद संघ ने 21 सितंबर से प्रस्तावित सामूहिक अवकाश को स्थगित करने का निर्णय लिया.
हालांकि, संघ ने यह भी स्पष्ट किया है कि निर्धारित अवधि में मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई तो 22 अक्तूबर से फिर सामूहिक अवकाश शुरू किया जाएगा.
BDO पद को मूल संवर्ग बनाने समेत कई मांगें
ग्रामीण विकास सेवा संघ की प्रमुख मांगों में बीडीओ पद को बिहार ग्रामीण विकास सेवा के मूल संवर्ग पद के रूप में निर्धारित करना शामिल है. इसके अलावा सेवा संरचना में सुधार, सीधी नियुक्ति समेत अन्य मांगें भी संघ की ओर से रखी गई हैं.
फिलहाल सामूहिक अवकाश स्थगित होने से नोखा प्रखंड कार्यालय में नियमित प्रशासनिक और विकास कार्यों पर तत्काल कामकाज प्रभावित होने का संकट टल गया है.
