20 अगस्त से जिले में शुरू होगी नाइट ब्लड सर्वे, लैब टेक्नीशियन को मिला प्रशिक्षण

SASARAM NEWS.फाइलेरिया यानी हाथीपांव को जड़ से मिटाने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है. इसके तहत प्रत्येक साल सर्वजन दवा सेवन अभियान के माध्यम से लोगों को दवा खिलाकर इस गंभीर बीमारी को रोकने का प्रयास किया जाता है.

फाइलेरिया यानी हाथीपांव को जड़ से मिटाने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत

नाइट ब्लड सर्वे को लेकर जिला स्वास्थ्य समिति ने भी सभी तैयारियां पूरी कर ली

प्रतिनिधि, सासाराम ग्रामीण

फाइलेरिया यानी हाथीपांव को जड़ से मिटाने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है. इसके तहत प्रत्येक साल सर्वजन दवा सेवन अभियान के माध्यम से लोगों को दवा खिलाकर इस गंभीर बीमारी को रोकने का प्रयास किया जाता है. इस बीमारी से लोगों को निजात दिलाने के लिए आगामी 20 अगस्त से जिले में नाइट ब्लड सर्वे प्रारंभ होगा. इसको ले बुधवार को लैब टेक्नीशियन को ट्रेनर ने सदर अस्पताल में प्रशिक्षण दिया. ट्रेनर ने बताया कि इस बार पूरे प्रदेश में वर्ष 2026 में एक साथ फरवरी में सर्वजन दवा सेवन अभियान की शुरुआत की जायेगी. उसके पहले नाइट ब्लड सर्वे का कार्य किया जायेगा. नाइट ब्लड सर्वे को लेकर जिला स्वास्थ्य समिति ने भी सभी तैयारियां पूरी कर ली है. मास्टर ट्रेनर अजय कुमार व प्रभु कुमार ने जिले के सभी लैब टेक्नीशियन को प्रशिक्षण प्रदान किया. इस दौरान प्रशिक्षण दे रहे मास्टर ट्रेनरों में ब्लड सैंपल निकाल कर उसे जांच करने की पूरी प्रक्रिया बतायी. साथ ही साथ नाइट ब्लड सर्वे के दौरान रक्त संग्रह करने की बेहतर तरीकों की भी पूर्ण जानकारी दी .

रात में ही होता है ब्लड जांच

डॉ आसित रंजन ने बताया कि यह बीमारी परजीवी के कारण होती है. जो क्यूलेक्स नामक मच्छर के काटने से फैलता है.उन्होंने बताया कि शरीर में मौजूद परजीवी मुख्यतः रात में ही एक्टिव होते हैं और रात्रि में ही ब्लड जांच के माध्यम से परजीवी का पता लगता है. उन्होंने यह भी बताया कि यदि नाइट ब्लड सर्वे के दौरान हुए जांच में किसी भी व्यक्ति में फाइलेरिया के परजीवी पाए जाते हैं, उन्हें तुरंत दवा के खुराक दी जायेगी. वहीं चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राकेश कुमार ने वहां मौजूद सभी लैब टेक्नीशियन को इस बीमारी संबंधित कई जानकारी दी. पिरामल स्वास्थ्य के प्रोग्राम लीडर (संचारी रोग) हेमंत कुमार ने बताया कि नाइट ब्लड सर्वे को लेकर गठित टीम के माध्यम से लोगों में जागरूकता फैलायी जायेगी. ताकि लोग रात्रि में जांच स्थल पर पहुंच कर अपनी फाइलेरिया जांच कराएं. उन्होंने बताया कि पिरामल स्वास्थ्य भी इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग के साथ पूर्ण सहयोग करेगी.

नाइट ब्लड सर्वे की तैयारी लगभग पूरी

सिविल सर्जन डॉ. मणिराज रंजन ने लैब टेक्नीशियन से अनुरोध किया कि सर्वे के दौरान बेहतर तरीके से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें, ताकि फाइलेरिया से पीड़ित मरीजों की पहचान की जा सके. उन्होंने बताया कि नाइट ब्लड सर्वे को लेकर सभी तैयारी लगभग पूरी कर ली गयी है. चयनित पंचायतों में 20 अगस्त से जिले में नाइट ब्लड सर्वे की शुरुआत की जायेगी और 28 अगस्त तक सभी प्रक्रिया पूरी कर ली जायेगी.

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Published by: Anurag sharan

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