Rohtas News : चेनारी प्रखंड क्षेत्र में पिछले दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने कैमूर पहाड़ी क्षेत्र में हालात बदल दिये हैं. लगातार बारिश के कारण पहाड़ों से गिरने वाले झरनों और नदियों का जलस्तर बढ़ गया है. कई स्थानों पर झरने तेज धार के साथ बह रहे हैं. इसे देखते हुए रोहतास वन प्रमंडल ने सुरक्षा के मद्देनजर गुप्ता धाम जाने वाले मार्ग को अगले आदेश तक बंद कर दिया है.
झरनों का बढ़ा बहाव, खतरनाक हुआ रास्ता
गुप्ता धाम जाने वाला मार्ग कैमूर पहाड़ी के दुर्गम क्षेत्र से होकर गुजरता है. इस रास्ते में कई जगह पहाड़ी नाले, झरने और नदी के रास्ते पड़ते हैं. बारिश के दिनों में इन जलस्रोतों का जलस्तर अचानक बढ़ जाता है. पिछले दो दिनों से लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्र से बड़ी मात्रा में पानी नीचे की ओर आ रहा है, जिससे झरनों का बहाव सामान्य दिनों की तुलना में काफी तेज हो गया है.
श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए बढ़ा खतरा
तेज धार के कारण पहाड़ी मार्ग को पार करना जोखिमपूर्ण हो गया है. बारिश के दौरान चट्टानों पर फिसलन बढ़ जाती है और ऊपर पहाड़ों में हुई बारिश का पानी कुछ समय बाद अचानक झरनों और नदियों में पहुंच सकता है. ऐसे में कम पानी देखकर जलस्रोत पार करने की कोशिश भी हादसे का कारण बन सकती है.
अगले आदेश तक बंद रहेगा गुप्ता धाम मार्ग
वन प्रमंडल पदाधिकारी, रोहतास वन प्रमंडल, सासाराम की ओर से मंगलवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि झरनों और नदियों का बहाव अत्यधिक तेज होने के कारण गुप्ता धाम मार्ग पर आवागमन असुरक्षित हो गया है. स्थिति सामान्य होने तक मार्ग बंद रहेगा. मौसम और जलस्तर की समीक्षा के बाद ही मार्ग खोलने का निर्णय लिया जायेगा.
खूबसूरत हुआ पहाड़, लेकिन खतरा भी बरकरार
बारिश के बाद कैमूर पहाड़ी के विभिन्न इलाकों में झरनों का प्राकृतिक स्वरूप बेहद आकर्षक हो गया है. हालांकि तेज बहाव के कारण इन स्थानों पर जाना खतरे से खाली नहीं है. वन विभाग ने लोगों से झरनों, नदी-नालों और तेज बहाव वाले स्थानों से दूरी बनाए रखने की अपील की है.
विभाग के निर्देशों का पालन करने की अपील
वन विभाग ने श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय लोगों से मार्ग बंद रहने के दौरान गुप्ता धाम की ओर जाने का प्रयास नहीं करने की अपील की है. विभाग ने कहा है कि बारिश के दौरान प्राकृतिक स्थलों की सुंदरता से अधिक सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है.
