प्रतिनिधि, चेनारी. नगर पंचायत चेनारी क्षेत्र की सड़कों पर इन दिनों बड़ी संख्या में कम उम्र के चालक ई-रिक्शा चलाते नजर आ रहे हैं. कई चालकों की उम्र 18 वर्ष से कम बतायी जा रही है, जबकि उनके पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं है. ऐसे में नाबालिग चालक से दुर्घटना होने पर वाहन के संचालन की जिम्मेदारी और कार्रवाई को लेकर स्थिति जटिल हो सकती है.
इन प्रमुख रास्तों पर दिख रहे नाबालिग चालक
चेनारी-कुदरा पथ, मल्हीपुर पथ, शिवसागर पथ, चेनारी-बेलांव रोड, खुरमाबाद अस्थायी बस पड़ाव मार्ग सहित आसपास के रास्तों पर कम उम्र के चालक ई-रिक्शा चलाते देखे जा रहे हैं. इन वाहनों से रोजाना बड़ी संख्या में लोग सफर करते हैं. सवारी अधिक बैठाने और ज्यादा फेरा लगाने के चक्कर में कई चालक तेज गति से ई-रिक्शा चलाते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है.
संत सिंह चौक पर सड़क बनी अस्थायी स्टैंड
नगर पंचायत चेनारी में स्थायी ऑटो स्टैंड की व्यवस्था नहीं होने के कारण नगर के हृदयस्थल माने जाने वाले संत सिंह चौक के आसपास सड़क किनारे ही ई-रिक्शा और ऑटो खड़े किए जाते हैं. यात्री दिखाई देते ही चालक अचानक ब्रेक लगा देते हैं और जहां यात्री उतरना चाहते हैं, वहीं वाहन रोक दिया जाता है. कई बार ई-रिक्शा बीच सड़क पर खड़ा कर दिया जाता है. इससे मुख्य मार्ग पर यातायात बाधित होने के साथ जाम की स्थिति भी बनती है.
ई-रिक्शा पलटने और टक्कर की घटनाएं
स्थानीय लोगों के अनुसार ई-रिक्शा और ऑटो के डिवाइडर से टकराने, पलटने तथा पीछे से दूसरे वाहनों की टक्कर की घटनाएं भी सामने आती रहती हैं. ऐसे में कम उम्र और अनुभवहीन चालकों का वाहन चलाना सड़क सुरक्षा के लिहाज से चिंता का विषय बना हुआ है.
दोपहिया की तरह ई-रिक्शा की भी हो जांच
चेनारी प्रखंड क्षेत्र में इन दिनों दोपहिया वाहनों की जांच की जा रही है. बिना दस्तावेज, हेलमेट अथवा ट्रिपल लोड मिलने पर चालान काटे जा रहे हैं. शहर के अजय कुमार और अरविंद चौरसिया ने कहा कि जिस तरह दोपहिया वाहनों की जांच हो रही है, उसी तरह ई-रिक्शा चालकों की उम्र, ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन के दस्तावेज की भी नियमित जांच होनी चाहिए.
क्षमता से अधिक सवारी बैठाने का आरोप
कई ई-रिक्शा चालक निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठा रहे हैं. चालक की सीट के दोनों ओर यात्रियों को बैठाने के अलावा कुछ वाहनों में लोग खड़े होकर भी सफर करते दिखाई देते हैं. कई ई-रिक्शा में यात्रियों के साथ सब्जियों के गट्ठर, इलेक्ट्रॉनिक सामान और अन्य सामग्री भी लादी जा रही है.
वाहन मालिकों और अभिभावकों की जिम्मेदारी जरूरी
क्षमता से अधिक सवारी और सामान होने से वाहन का संतुलन बिगड़ने तथा दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि चेनारी नगर पंचायत क्षेत्र में ई-रिक्शा की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन को विशेष अभियान चलाकर चालकों की उम्र, लाइसेंस, वाहन के कागजात, क्षमता और यातायात नियमों के पालन की जांच करनी चाहिए. साथ ही नाबालिगों को ई-रिक्शा चलाने से रोकने के लिए वाहन मालिकों और अभिभावकों को भी जिम्मेदार बनाया जाना चाहिए.
शिकायत मिलने पर होगी कार्रवाई : थानाध्यक्ष
थानाध्यक्ष राजीव रंजन सिंह ने कहा कि नाबालिगों द्वारा ई-रिक्शा चलाने की शिकायत या जानकारी मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. ई-रिक्शा चालकों को यातायात नियमों का पालन करना चाहिए. वाहन चलाते समय वैध दस्तावेज और लाइसेंस रखना आवश्यक है. पुलिस की ओर से समय-समय पर वाहनों की जांच की जाती है. नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने के उठेंगे कदम : कार्यपालक पदाधिकारी
नगर पंचायत चेनारी के कार्यपालक पदाधिकारी अभिषेक भारती ने कहा कि नगर क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे. संत सिंह चौक पर ई-रिक्शा और ऑटो के अनियंत्रित ठहराव की समस्या की जानकारी लेकर उचित व्यवस्था की जाएगी. नाबालिगों के वाहन चलाने तथा क्षमता से अधिक सवारी बैठाने के मामले में संबंधित विभाग से समन्वय कर जांच और कार्रवाई कराई जाएगी.
