Rohtas News : अंजबित सिंह महाविद्यालय, बिक्रमगंज में सहज योग ध्यान केंद्र, पटना के तत्वावधान में सहज योग एवं ध्यान विषय पर कार्यशाला आयोजित की गयी. इसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने भाग लिया. कार्यशाला में विशेषज्ञों ने ध्यान, आत्मचिंतन और सहज योग के माध्यम से मानसिक शांति तथा तनाव प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी.
मन पर नियंत्रण से मानसिक स्थिरता संभव
कार्यशाला को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के बॉटनी विभागाध्यक्ष व ग्रीन आइकन डॉ. कन्हैया सिंह ने कहा कि मन पर नियंत्रण मानसिक स्थिरता का सहज रास्ता है. इसके माध्यम से तनाव प्रबंधन भी आसान तरीके से किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि आज के समय में सहज योग की आवश्यकता बढ़ गयी है. इसे जीवनशैली में अपनाकर व्यक्ति मानसिक, शारीरिक और संवेगिक रूप से स्वस्थ रह सकता है.
सहज योग विशेषज्ञों को किया सम्मानित
डॉ. कन्हैया सिंह ने पटना से आये सहज योग विशेषज्ञों को महाविद्यालय की ओर से सम्मानित किया. उन्होंने छात्र-छात्राओं और शिक्षकों से सहज योग को नियमित जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की.
ध्यान और आत्मचिंतन से सकारात्मक बदलाव
सहज योग ध्यान केंद्र, पटना के मुख्य विशेषज्ञ जितेंद्र कुमार राय ने सहज योग की महत्ता पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि सहज योग को जीवन में अपनाने से व्यक्ति अपने भीतर सकारात्मक बदलाव महसूस कर सकता है. ध्यान और आत्मचिंतन के माध्यम से मानसिक शांति प्राप्त करने के विभिन्न पहलुओं की भी उन्होंने जानकारी दी.
कुंडलिनी जागरण और आज्ञाचक्र की दी जानकारी
डॉ. संगीता सिन्हा ने सहज योग के माध्यम से कुंडलिनी जागरण और आज्ञाचक्र के प्रभाव के बारे में विस्तार से बताया. उन्होंने कहा कि सहज योग का नियमित अभ्यास व्यक्ति की सोच और जीवनशैली में सकारात्मक परिवर्तन लाने में सहायक हो सकता है.
शिक्षकों और छात्रों की रही सक्रिय भागीदारी
कार्यशाला का संचालन भौतिक विज्ञान विभाग के अंकित कुमार ने किया, जबकि मनोविज्ञान विभाग के डॉ. कमल किशोर ने धन्यवाद ज्ञापन किया. कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षकों और छात्र-छात्राओं की सक्रिय भागीदारी रही.
