ओलावृष्टि और आंधी-बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, फसलों को भारी क्षति

जिलेभर में तेज हवा के साथ गिरे बड़े आकार के ओले, ईंट-भट्ठों पर लाखों की कच्ची ईंटें हुईं बर्बाद

कुदरत का कहर: बेमौसम बारिश ने तोड़ी ईंट व्यवसायियों की कमर, आम-अमरूद की फसल बर्बाद, बिजली व्यवस्था ठप

जिलेभर में तेज हवा के साथ गिरे बड़े आकार के ओले, ईंट-भट्ठों पर लाखों की कच्ची ईंटें हुईं बर्बाद

मांगलिक कार्यक्रमों में बारिश ने डाला खलल, दूल्हे के ”ओढ़न” से लेकर बारातियों तक की बढ़ी धड़कनें

बारिश के बाद गर्मी से मिली राहत, पर किसानों की बढ़ी चिंता

फोटो-15- रोहतास प्रखंड के अकबरपुर में जमीन पर पसरा ओला.

ए- ओलावृष्टि से ईंट भट्ठों को हुआ नुकसान. सासाराम सदर/अकबरपुर जिले में बुधवार को मौसम के बदले मिजाज ने भारी तबाही मचायी है. दोपहर बाद अचानक हुई तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया. इस प्राकृतिक आपदा ने जहां एक ओर लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी, वहीं, दूसरी ओर किसानों और व्यवसायियों के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर दी. जिले के विभिन्न हिस्सों में पेड़ धराशायी होने और बिजली के तार टूटने से आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गयी है. कई इलाकों में पूरी रात अंधेरा छाया रहा.

ईंट व्यवसायियों पर बरसी तबाही:

रोहतास प्रखंड क्षेत्र में तीन घंटे की मूसलाधार बारिश ने ईंट व्यवसाईयों की आर्थिक कमर तोड़ दी है. अचानक आयी आपदा से भट्ठों पर रखी लाखों कच्ची ईंटें पानी में घुलकर बर्बाद हो गयीं. व्यवसायी मुकेश पांडेय, राजा सिंह और सोनू सिंह ने बताया कि इस वर्ष की यह पहली भीषण ओलावृष्टि है, जिसने लाखों का नुकसान पहुंचाया है. भट्ठों की पड़िया में पानी भर जाने के कारण ईंट निर्माण का कार्य कम से कम एक सप्ताह तक बाधित रहने की संभावना है.

फलों और सब्जियों को भारी क्षति:

तेज हवा और ओलों ने आम और अमरूद के बागानों पर कहर बरपाया है. ओले गिरने से आम की टिकोलियां झड़ गयी हैं, जिससे बागवानों के चेहरे पर मायूसी छा गयी है. इसके अलावा खेतों में लगी मूंग और सब्जियों की फसलों को भी काफी नुकसान पहुंचा है. दिनारा के कुण्ड, पंडितपुरा, गुनसेज, मैरा और परानपुर जैसे इलाकों में बड़े आकार के ओले गिरे, जिससे सब्जी की फसलें पूरी तरह पिचक गयी हैं. किसानों को डर है कि अगर मौसम ऐसा ही रहा तो जमापूंजी भी हाथ से निकल जायेगी.

मांगलिक कार्यक्रमों में पड़ा खलल

संझौली क्षेत्र में बारिश ने शादियों के उल्लास को फीका कर दिया. दोपहर तीन बजे से शुरू हुई बारिश शाम तक रुक-रुक कर होती रही. इस कारण मांगलिक कार्यक्रमों की तैयारियों में लगे परिवारों को भारी परेशानी उठानी पड़ी. एक घर में दूल्हे के ”ओढ़न परीक्षण” की रस्म के दौरान अचानक हुई बूंदाबांदी से अफरा-तफरी मच गयी. बाराती और सराती इस आशंका से सहमे रहे कि कहीं रात को मुख्य कार्यक्रम के समय मौसम और विकराल रूप न धारण कर ले. शाम को रिमझिम बारिश ने जनरेटर और टेंट व्यवस्था के लिए भी चुनौतियां खड़ी कर दीं.

दिनारा में बड़े आकार के ओले, सड़कें बनीं तालाब

दिनारा प्रखंड में करीब 3:59 बजे मौसम ने भीषण करवट ली. नगर क्षेत्र सहित ग्रामीण इलाकों में इतने बड़े आकार के ओले गिरे कि लोग हैरान रह गये. स्थानीय लोगों के अनुसार, लंबे समय बाद इतने बड़े ओले देखे गये हैं. बारिश के कारण सड़कों पर भारी जलजमाव हो गया, जिससे आवागमन प्रभावित रहा. दोपहिया और चार पहिया वाहन चालकों को दृश्यता कम होने और फिसलन के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा.

बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरायी

तेज हवा के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली के तार और इंसुलेटर क्षतिग्रस्त हो गये हैं. शहर से लेकर गांव तक बिजली की आपूर्ति बाधित रही. कई जगहों पर पेड़ गिरने से फीडर ब्रेकडाउन की स्थिति बनी रही. विभाग के कर्मी मरम्मत कार्य में जुटे रहे, लेकिन देर रात तक कई फीडरों में बिजली बहाल नहीं हो सकी थी.

सावधान रहे किसान: मौसम विभाग

मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना है. आसमान में बादलों की आवाजाही जारी रहेगी और गर्जना के साथ हल्की बारिश हो सकती है. प्रशासन और कृषि विभाग ने किसानों को अपनी कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने और बिजली चमकने के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लेने की सलाह दी है.

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Published by: Anurag sharan

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