सनातन संस्कारों के पालन से ही संतति बनेगी राम-कृष्ण जैसी बिना लक्षण वाले गुरु का वरण किया, तो गुरु जी जेल में ही नजर आयेंगे फोटो -1- कथा के दौरान मौजूद भक्त़ प्रतिनिधि, राजपुर राम के साथ युद्ध में जब रावण थक गया, तो भगवान राम ने उससे कहा कि जाओ कुछ समय आराम कर लो, फिर युद्ध करेंगे. अपनी मृत्यु से पूर्व वाली रात रावण ने मंदोदरी से कहा कि ”हे मंदोदरी, शत्रु भी हो तो राम जैसा हो.” अयोध्या वासियों के पास उच्च कोटि के संस्कार थे और श्रीमद्भागवत की कथा हमें वही संस्कारवान बनाती है. ये विचार सोमवार को राजपुर कचहरी मोड़ स्थित शिवाला प्रांगण में व्यक्त किये गये. यहां राम-लक्ष्मण, जानकी व हनुमानजी की प्राणप्रतिष्ठा के लिए आयोजित श्रीलक्ष्मी नारायण महायज्ञ के दूसरे दिन यतिराज श्री सुंदरराज स्वामी महाराज श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे. तपोमूर्ति संत त्रिदंडी स्वामी के पाद सेवक स्वामी जी ने कहा कि गर्भाधान संस्कार से हमारे जीवन की शुरुआत होती है और अंतिम संस्कार पर यह यात्रा समाप्त होती है. इस बीच अन्नप्राशन, जनेऊ और विवाह समेत कई संस्कारों से मानव जीवन गुजरता है. उन्होंने बल देते हुए कहा कि यदि हमें राम-कृष्ण और सीता-राधा जैसी संतान चाहिए, तो माताओं को शास्त्रोक्त विधि और निर्धारित समय के अनुसार गर्भाधान संस्कार की मर्यादा से गुजरना होगा. स्वामीजी ने कहा कि श्रीमद्भागवत की कथा मुक्ति के लिए सुनी जाती है. राजा परीक्षित ने भी अपनी मुक्ति के लिए शुकदेव जी से यही कथा सुनी थी. वास्तव में कथा मुक्ति का सोपान है. गुरु चयन पर चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि हमें ऐसे गुरु का वरण नहीं करना चाहिए, जिनके पास न शिखा हो, न सूत्र और न ही सनातन संस्कारों के अनुरूप परिधान हो. जिसमें सनातन का कोई लक्षण नहीं है, उसे यदि गुरु बनायेंगे तो गुरु जी जेल में ही नजर आयेंगे. इस महायज्ञ में पकड़ी, सबेया, रामोडिह, हुसेनाबाद, राजपुर और मंगरवलिया समेत दर्जनों गांवों के हजारों श्रद्धालु उमड़ रहे हैं. आयोजन को सफल बनाने में कमेटी के अध्यक्ष सतीश कुमार गुप्ता, उपाध्यक्ष नन्हकू सिंह यादव, कोषाध्यक्ष विजेंद्र कुमार गुप्ता, सचिव दिनेश तिवारी, पैक्स अध्यक्ष शोभनाथ गुप्ता, मुखिया रंजू देवी, सतीश कुमार सिंह, प्रमुख कुन्ती देवी, अभिषेक कुमार तिवारी, सुमेश्वर सिंह यादव और मदनमोहन तिवारी समेत अन्य का सराहनीय सहयोग मिल रहा है.
श्रीमद्भागवत कथा जीवन को संस्कारवान बनाने का सशक्त माध्यम : सुंदरराज
बिना लक्षण वाले गुरु का वरण किया, तो गुरु जी जेल में ही नजर आयेंगे
