कचहरी का चक्कर छोड़ें, बिना किसी कोर्ट फीस के निबटाएं अपने लंबित विवाद
नौ मई को राष्ट्रीय लोक अदालत, वाहन चालान में संशोधन का भी मिलेगा मौका
नौ मई को राष्ट्रीय लोक अदालत, वाहन चालान में संशोधन का भी मिलेगा मौका
सिविल से लेकर आपराधिक मामलों तक का होगा निबटारा, बिना कोर्ट फीस मिलेगी राहतप्रतिनिधि, सासाराम ऑफिस
जिले में नौ मई 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जायेगा. इसको लेकर न्यायपालिका, प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह सक्रिय हो गये हैं. जिला विधिक सेवा प्राधिकार रोहतास द्वारा आयोजित इस लोक अदालत में आम लोगों को अपने सुलहनीय मामलों के त्वरित और सरल निबटारे का अवसर मिलेगा.
इन मामलों का होगा निष्पादन:
लोक अदालत में संधि योग्य लघु आपराधिक मामले, धारा 138 एनआइ एक्ट, विद्युत वाद, वाहन दुर्घटना दावा, सिविल सूट, माप-तौल, श्रम वाद, बैंक ऋण वसूली व नीलाम पत्र वाद सहित कई प्रकार के मामलों का निबटारा किया जायेगा. खास बात यह है कि इन मामलों के निष्पादन के लिए किसी प्रकार की कोर्ट फीस नहीं ली जायेगी. यदि पहले से कोर्ट फीस जमा की गयी है, तो उसे वापस करने का भी प्रावधान है. लोक अदालत का निर्णय अंतिम होता है और इसके विरुद्ध अपील नहीं की जा सकती.
वाहन चालानों में सुधार का मौका
इस बार की लोक अदालत में परिवहन विभाग भी सक्रिय भागीदारी करेगा. विभाग द्वारा त्रुटिपूर्ण वाहन चालान का सुधार किया जायेगा. साथ ही धारा 184 के तहत 18 अगस्त 2023 से पूर्व तथा धारा 190(2) (प्रदूषण संबंधित) के तहत 3 सितंबर 2024 से पहले जारी चालानों की राशि में संशोधन का अवसर दिया जायेगा. सभी वाहन मालिकों से अपील की गयी है कि वे अपने वाहन, चालक अनुज्ञप्ति और संबंधित कागजात के साथ नौ मई तक जिला परिवहन कार्यालय सासाराम में उपस्थित होकर चालान का संशोधन कराएं और शेष राशि का भुगतान करें, अन्यथा वाहन को ब्लैकलिस्ट में डाला जा सकता है.
अनुमंडल स्तर पर भी आयोजन
लोक अदालत का आयोजन सिविल कोर्ट सासाराम के साथ-साथ बिक्रमगंज और डेहरी अनुमंडल न्यायालय परिसर में भी किया जायेगा. जिन लोगों के मामले न्यायालय में लंबित हैं, वे आठ मई तक संबंधित न्यायालय में जाकर अपने मामले को लोक अदालत में निबटारे के लिए प्रस्तुत कर सकते हैं. जिलाधिकारी उदिता सिंह और पुलिस अधीक्षक रौशन कुमार ने संयुक्त रूप से अपील करते हुए कहा है कि राष्ट्रीय लोक अदालत आमजनों के लिए एक बेहतर अवसर है, जहां वे आपसी सहमति से अपने विवादों का शीघ्र और सरल समाधान प्राप्त कर सकते हैं. जिला प्रशासन ने अधिक से अधिक लोगों से इसमें भाग लेने की अपील की है.