प्रतिनिधि, कोचस. नगर पंचायत के विभिन्न वार्डों में लंबे समय से फॉगिंग नहीं होने के कारण मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ गया है. बरसात के मौसम में जगह-जगह जलजमाव होने से स्थिति और गंभीर हो गयी है. मच्छरों की बढ़ती संख्या को लेकर स्थानीय लोग संक्रामक बीमारियों के खतरे से चिंतित हैं.
बरसात में एक बार भी नहीं हुआ दवा का छिड़काव
नगर पैक्स अध्यक्ष सुनील दूबे, लोहा सिंह, अंकुश ओझा, मनोज चक्रवर्ती, मुन्ना गुप्ता, पूर्व पैक्स अध्यक्ष सुरेंद्र दुबे, मनोज कुमार और ओमप्रकाश शर्मा समेत अन्य लोगों का कहना है कि नगर प्रशासन की लापरवाही के कारण बरसात के दौरान अब तक एक बार भी मच्छररोधी दवा का छिड़काव नहीं कराया गया है. लोगों के अनुसार, शहर के विभिन्न वार्डों में जलजमाव के कारण मच्छरों की संख्या काफी बढ़ गयी है.
दिन-रात मच्छरों से परेशान हैं लोग
स्थानीय लोगों का कहना है कि दिन हो या रात, मच्छरों के आतंक से राहत नहीं मिल रही है. घरों और दुकानों में भी मच्छरों का हमला जारी रहता है. शाम के समय स्थिति और खराब हो जाती है. मच्छरों के कारण लोगों का घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो रहा है.
मच्छर भगाने के लिए जहरीले उत्पादों का सहारा
लोगों का आरोप है कि नगर प्रशासन की निष्क्रियता के कारण उन्हें दिन में भी मच्छर भगाने के लिए अगरबत्ती, क्वायल और अन्य उत्पादों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है. इससे लोगों का अतिरिक्त खर्च भी बढ़ रहा है. स्थानीय लोगों ने नगर प्रशासन से जल्द फॉगिंग कराने की मांग की है.
डेंगू और मलेरिया को लेकर बढ़ी चिंता
स्थानीय लोगों ने दावा किया कि शहर में मलेरिया, टाइफाइड और डेंगू जैसे रोगों के मरीजों की संख्या बढ़ रही है. हालांकि, स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोचस में डेंगू या मलेरिया के मरीजों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गयी है. सूत्रों के अनुसार, शहर के कुछ निजी अस्पतालों में डेंगू और मलेरिया के लक्षण वाले मरीजों का इलाज चल रहा है.
सीएचसी में मरीजों पर रखी जा रही नजर
सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. तुषार कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र में आने वाले सभी मरीजों पर बारीकी से नजर रखी जा रही है. उन्होंने कहा कि मरीजों में बीमारी के लक्षणों की निगरानी की जा रही है और आवश्यकता के अनुसार जांच करायी जा रही है.
नगर प्रशासन ने जतायी अनभिज्ञता
मच्छरों के बढ़ते प्रकोप और फॉगिंग नहीं होने को लेकर पूछे जाने पर नगर ईओ ओमप्रकाश सिंह ने मामले से अनभिज्ञता जाहिर की. स्थानीय लोगों ने नगर प्रशासन से जलजमाव वाले स्थानों की सफाई कराने और नियमित रूप से मच्छररोधी दवा का छिड़काव कराने की मांग की है.
