Rohtas News : सासाराम नगर निगम क्षेत्र के वार्ड नंबर 35 स्थित कादिरगंज मोहल्ले में लगातार बारिश के बाद जलजमाव की स्थिति गंभीर बनी हुई है. करीब 50 घरों में रहने वाले लगभग 300 लोग पिछले चार दिनों से पानी के बीच रहने को मजबूर हैं. घरों के बाहर कमर तक पानी जमा होने के कारण महिला, पुरुष और बच्चों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है. कई परिवार घरों की बालकनी और ऊंचे स्थानों पर बैठकर पानी कम होने का इंतजार कर रहे हैं.
बारिश के साथ पहाड़ और नाले का पानी घुसा
स्थानीय लोगों के अनुसार लगातार बारिश के साथ पहाड़ से आने वाला पानी और नाले का पानी भी कादिरगंज मोहल्ले में प्रवेश कर गया है. कई स्थानों पर पानी कमर से ऊपर तक पहुंच गया है. इससे लोगों की परेशानी और बढ़ गयी है. घरों में रहने वाले लोगों को जरूरी काम के लिए भी पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है.
जलनिकासी का पुराना रास्ता हुआ बाधित
मोहल्ले के लोगों का कहना है कि पहले ताराचंडी से कादिरगंज, खैरा और बेलाडी होते हुए कुदरा नदी तक बारिश और पहाड़ के पानी की निकासी होती थी. स्थानीय लोगों के अनुसार नदी की जमीन के भराव और अतिक्रमण के कारण जलनिकासी का यह पुराना रास्ता लगभग समाप्त हो गया है. इसका सीधा असर बारिश के दौरान देखने को मिल रहा है और पानी मोहल्ले में जमा हो जा रहा है.
बच्चों के लिए भी बना खतरा
जलजमाव के बीच बच्चे पानी में खेलते और तैरते नजर आ रहे हैं. स्थानीय लोगों ने इसे गंभीर खतरा बताया है. उनका कहना है कि पानी की गहराई का अंदाजा नहीं होने के कारण बच्चों के डूबने की आशंका बनी हुई है. इसके अलावा पानी में सांप और अन्य जीव-जंतुओं के आने का खतरा भी लोगों को सता रहा है. बारिश जारी रहने पर जलस्तर और बढ़ने की आशंका से लोग चिंतित हैं.
चार दिनों से मदद का इंतजार
स्थानीय लोगों का कहना है कि चार दिनों से मोहल्ले में जलजमाव की समस्या बनी हुई है. इसके बावजूद पानी की निकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं हो सकी है. लोगों ने जिला प्रशासन और नगर निगम से तत्काल जलनिकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पानी नहीं निकाला गया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है.
प्रशासन से तत्काल जलनिकासी की मांग
कादिरगंज के लोगों ने मांग की है कि मोहल्ले में जमा पानी को पंप और अन्य माध्यमों से तत्काल बाहर निकाला जाये. साथ ही भविष्य में जलजमाव की समस्या से बचने के लिए पुराने जलनिकासी मार्ग को अतिक्रमण और भराव से मुक्त कराकर उसे दुरुस्त किया जाये. लोगों का कहना है कि हर साल बारिश के दौरान ऐसी स्थिति बनने से पहले स्थायी समाधान किया जाना जरूरी है.
