Rohtas News : बिक्रमगंज बाजार स्थित होरा आभूषण ज्वेलर्स में 21 दिन पहले हुई करोड़ों रुपये की लूट का पुलिस ने उद्भेदन करने का दावा किया है. पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है और वारदात में इस्तेमाल अपाचे बाइक, अर्टिगा कार, कपड़े और तीन एंड्रॉयड मोबाइल बरामद किये हैं. हालांकि, पुलिस ने अब तक दुकान से लूटे गये करोड़ों के आभूषण और अन्य सामान की बरामदगी का कोई खुलासा नहीं किया है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर लूट का माल कहां गया और किसके पास पहुंचा.
सीसीटीवी और तकनीकी जांच से खुला मामला
एसपी रौशन कुमार ने रविवार को बिक्रमगंज में प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि कांड संख्या 490/26 के अनुसंधान के लिए विशेष पुलिस टीम गठित की गयी थी. टीम ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच के आधार पर घटना में शामिल अंतरराज्यीय गिरोह के आरोपितों की पहचान की. पुलिस के अनुसार अपराधी दो मोटरसाइकिल से आये थे और वारदात के बाद बिक्रमगंज-कराकाट मार्ग से फरार हुए.
सलमेपुर पुल के पास मिली अपाचे बाइक
जांच के दौरान सलमेपुर पुल के आगे सड़क किनारे से घटना में प्रयुक्त अपाचे मोटरसाइकिल बरामद की गयी. वहीं सीसीटीवी फुटेज में नजर आयी अर्टिगा कार की पहचान गोरखपुर निवासी दीपक साहनी के नाम से हुई. पूछताछ के बाद पुलिस ने उसके चालक आदर्श सिंह को गिरफ्तार किया.
तीन गिरफ्तार, गिरोह में आठ लोगों के शामिल होने का दावा
पुलिस ने आदर्श सिंह, ऋषि पाल और सोनू गोंड को गिरफ्तार किया है. पूछताछ में पुलिस को गिरोह में कुल आठ लोगों के शामिल होने की जानकारी मिली है. पुलिस के अनुसार वारदात की साजिश जेल में हुई दोस्ती के बाद तैयार की गयी थी. इसके बाद आरोपितों को लूट की घटना को अंजाम देने के लिए वाहन और मोटरसाइकिल उपलब्ध करायी गयी.
बाइक-कार और मोबाइल बरामद, गहने अब भी गायब
पुलिस ने घटना में प्रयुक्त अपाचे बाइक, अर्टिगा कार, ऋषि पाल के घटना के समय पहने कपड़े और तीन एंड्रॉयड मोबाइल बरामद किये हैं. लेकिन जिस दुकान में हथियार के बल पर करोड़ों रुपये के आभूषण लूटे गये थे, वहां से लूटे गये गहनों और अन्य सामान की बरामदगी को लेकर पुलिस ने कोई जानकारी नहीं दी है. पुलिस की इस चुप्पी से बरामदगी को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं.
आठ आरोपितों के नाम सामने आये
पुलिस जांच में देवरिया के सोनू गोंड, पिंटू भारती, राजू कुमार और सूरज कुमार, गोपालगंज के राजन पांडेय, गोरखपुर के आदर्श सिंह और रवि पासवान समेत आठ लोगों के नाम सामने आने की बात कही गयी है. पुलिस फरार आरोपितों की गिरफ्तारी और लूटे गये आभूषणों की बरामदगी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है.
उद्भेदन के बाद भी सबसे बड़ा सवाल बरकरार
पुलिस ने गिरोह तक पहुंचने और आरोपितों की गिरफ्तारी को बड़ी सफलता बताया है, लेकिन करोड़ों की लूट के मामले में असली सवाल अब भी लूटे गये आभूषणों की बरामदगी का है. जब तक लूट का पूरा सामान बरामद नहीं होता, तब तक इस मामले की सबसे अहम कड़ी अनसुलझी बनी हुई है.
