Rohtas News : रोहतास जिला के शिवसागर प्रखंड के कौपा गांव निवासी तथा भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) में सब इंस्पेक्टर पद पर कार्यरत रंजीत बहादुर सिंह का उत्तराखंड के जोशीमठ में इलाज के दौरान निधन हो गया. उनके निधन की खबर गांव पहुंचते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई. रविवार को पार्थिव शरीर गांव पहुंचने पर अंतिम दर्शन के लिए हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी और पूरे माहौल में गम पसरा रहा.
राजकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई
रंजीत बहादुर सिंह का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया. आईटीबीपी के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर अपने साथी को अंतिम सलामी दी. उनके इकलौते पुत्र अविनाश यादव ने मुखाग्नि दी. इस दौरान "भारत माता की जय" और "रंजीत बहादुर सिंह अमर रहें" के नारों से पूरा गांव गूंज उठा.
अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब
शहीद अधिकारी की अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए. लोगों ने पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी और देश सेवा में उनके योगदान को याद किया. अंतिम दर्शन के दौरान परिजनों को ढांढस बंधाने के लिए लोगों का तांता लगा रहा.
जनप्रतिनिधियों ने जताई संवेदना
इस अवसर पर भाजपा नेता ई. पुलकित सिंह, जेपी यादव, मुखिया झूना सिंह, सरपंच पंकज कुमार, रामराज यादव सहित कई जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे. सभी ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि रंजीत बहादुर सिंह ने पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ देश की सेवा की. उनका असामयिक निधन पूरे क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है.
