Inflation increased due to heat: गर्मी से सूख रही है सब्जी की फसलें, बढ़ी महंगाई

Inflation increased due to heat महंगाई बढ़ने से रसोई का बजट बिगड़ा गया है. सलाद तो थाली से गायब ही हो गया है.

Inflation increased due to heat बिहार के चेनारी में भीषण गर्मी का असर लोगों के साथ-साथ सब्जी फसल पर भी दिख रहा है. गर्मी व लू के कारण अधिकतर किसानों के खेतों में लगी सब्जी की फसल सूख गयी है. इस कारण सब्जियां महंगे दामों पर बिक रही हैं. इससे रसोई का बजट भी बिगड़ने लगा है. पहले जो सब्जी 10-15 रुपये किलो बिक रही थी, अब वह 25 से 30 रुपये किलो बिक रही है. सब्जी के दामों में हुई बेतहाशा वृद्धि के कारण अब लोग खरीदारी में कटौती भी करने लगे हैं.

शहर के डाकबंगला मार्केट परिसर के समीप के पास फुटपाथ पर सजीं दुकानों से सब्जी की खरीदारी कर रहे संदेश जायसवाल, संजय सिंह, विशाल कुमार, अशोक साह व पिंकी देवी ने बताया कि इधर एक सप्ताह से हरी सब्जियों के दामों में लगातार वृद्धि हो रही है. उन्होंने बताया कि पिछले सप्ताह बाजार में लौकी व नेनुआ 10-15 रुपये किलो बिक रहा था. लेकिन, अब 20 से 25 रुपये किलो बिक रहा है.

सब्जी के दाम बढ़ जाने से घरों में रसोई का बजट बिगड़ गया है. इधर, शहर की मुख्य सब्जी मंडी में मिले धर्मेंद्र रंजक, बच्चन चौरसिया व राजू जायसवाल ने बताया कि सब्जी के दाम बढ़ जाने से अब खरीदारी में कटौती करनी पड़ रही है. इन लोगों ने बताया कि पहले हमलोग प्रतिदिन ढाई से तीन किलो हरी सब्जी की खरीदारी करते थे. लेकिन, दाम में वृद्धि होने के कारण अब डेढ़ से दो किलो सब्जी से ही काम चला रहे हैं.

स्थानीय आवक कम हुई, तो बाहर से मंगा रहे सब्जी

भीषण गर्मी से लोकल सब्जियों का उत्पादन कम हुआ, तो कारोबारी बाहर की मंडी से सब्जी मंगाने लगे हैं. दुकानदार पंकज कुमार, राजू कुमार व प्रदीप प्रसाद ने बताया कि एक सप्ताह पहले सुबह होते ही गांव के किसान अपने साधन से लौकी, नेनुआ, करैला, भिंडी, खीरा, पालक आदि हरी सब्जी लेकर बाजार में पहुंच जाते थे. इधर, कुछ दिनों से बाजारों में लोकल सब्जियां कम आ रही हैं. लोकल सब्जियों की आवक कम होने के कारण उन्हें वाराणसी या सासाराम की मंडी से सब्जियां मंगानी पड़ रही है. गर्मी के कारण खेतों में लगी सब्जी की फसल सूखने लगी है.

इस कारण किसानों को काफी घाटा हुआ है. उगहनी गांव के किसान राजा राम सिंह, मल्हीपुर के संजय सिंह, रामसूरत सिंह, संजय सिंह, महेंद्र सिंह, अवसान के किसान सत्येंद्र सिंह ने बताया कि भीषण गर्मी के कारण खेतों में लगी सब्जी की फसल सूखने लगी है. फसल सूख जाने के कारण लागत खर्च भी निकालना मुश्किल हो गया है.गृहणी पुजा कुमारी ने कहा कि गर्मी ने हरी सब्जियों के बढ़ते दामों ने खाने का स्वाद बिगाड़ दिया है. टमाटर से लेकर परवल तक की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि हो गई है.ऐसे में सब्जी खरीदना मुश्किल हो रहा है. गर्मी का सीधा असर बजट पर पड़ रहा है.

क्या कहती हैं गृहिणियां

मई के बाद खाने-पीने के जरूरी सामान और सब्जियों के दाम में बढ़ोतरी जारी है. आलू, प्याज, टमाटर, धनिया, मिर्च, अदरक, लौकी, तरोई, करेला, कद्दू, भिंडी और बैंगन के दाम में बड़ी तेजी आ गयी है. इससे घर चलाना मुश्किल हो गया है.

रूपा देवीइस गर्मी में टमाटर का दाम बाजार में 50 से 60 रुपये प्रति किलो है. ऐसे में सब्जी के साथ सलाद भी थाली से गायब हो गया. इस समय सब्जियों के दाम बहुत बढ़ गये हैं. इससे प्रतिदिन सब्जी खाना मुश्किल होता जा रहा है. महंगाई तेजी से बढ़ रही है.

बढ़ती महंगाई व सब्जी की कीमतों में भारी उछाल ने खाने की थाली का स्वाद बिगाड़ कर रख दिया है. टमाटर के अलावा खीरा और शिमला मिर्च के दाम आसमान छू रहे हैं. ऐसे कैसे पुराने बजट से परिवार चलाएं, समझ नही आ रहा.खुशी गुप्ता

बाजार में हरी सब्जियों के दाम पर एक नजर

सब्जी अब पिछले सप्ताह

टमाटर 50 30-35

लौका 40 20-25

नेनुआ 20 10-15

करैला 40 25-30

भिंडी 60 40-45

पालक 60 40-45

बोदी 80 50-55

मूली 80 55-60

परवल 60 35-40

खीरा 40 25-30

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लेखक के बारे में

By RajeshKumar Ojha

Senior Journalist with more than 20 years of experience in reporting for Print & Digital.

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