रोहतास. सोन नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में हो रही बारिश और रिहंद बांध, वाणसागर व मुहम्मदगंज भीम जलाशयों से पानी छोड़े जाने के कारण इंद्रपुरी बराज पर पानी के घटने-बढ़ने का सिलसिला जारी है. बुधवार की शाम 3 बजे बराज पर 166036 क्यूसेक पानी उपलब्ध था. बराज का जलस्तर 355 फीट पर संतुलित रखते हुए कुल 69 में से 34 गेट खोलकर सोन नदी के निचले हिस्से में 43118 क्यूसेक पानी छोड़ा गया.
सिंचाई सृजन जल संसाधन विभाग, डेहरी के मुख्य अभियंता अजय कुमार सिंह ने बताया कि बराज पर उपलब्ध पानी को विभिन्न लिंक नहरों में भी पर्याप्त मात्रा में छोड़ा जा रहा है. पश्चिमी संयोजक नहर में 7011 क्यूसेक, पश्चिमी समानांतर संयोजक नहर में 1604 क्यूसेक और पूर्वी संयोजक नहर में 4255 क्यूसेक पानी दिया जा रहा है.
तीन जलाशयों से लगातार आ रहा पानी
अधिकारियों के अनुसार इंद्रपुरी बराज पर पानी की उपलब्धता पर ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में हो रही बारिश के साथ विभिन्न जलाशयों से छोड़े जा रहे पानी का असर पड़ रहा है. वर्तमान में रिहंद जलाशय से 7805 क्यूसेक, वाणसागर जलाशय से 5896 क्यूसेक और भीम बराज से 43118 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है.
इसी वजह से बराज पर जलस्तर को नियंत्रित रखने के लिए गेटों की संख्या में बदलाव किया जा रहा है. बुधवार को 34 गेट खोलकर सोन नदी के निचले हिस्से में पानी छोड़ा गया.
पहले के मुकाबले बदली स्थिति
मंगलवार की शाम 6 बजे इंद्रपुरी बराज पर 174551 क्यूसेक पानी उपलब्ध था. उस समय कुल 69 में से 31 गेट खोले गए थे और जलस्तर 355 फीट पर संतुलित रखा गया था. मंगलवार को सोन नदी के निचले हिस्से में 161187 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा था.
बुधवार को बराज पर उपलब्ध पानी घटकर 166036 क्यूसेक रह गया. इसके बावजूद सोन नदी के निचले हिस्से में पानी छोड़ने के लिए मंगलवार के मुकाबले तीन अधिक गेट खोले गए. बराज से पानी के डिस्चार्ज को नियंत्रित रखते हुए जलस्तर 355 फीट पर बनाए रखने की कोशिश की जा रही है.
सोन नदी के जलस्तर पर नजर जरूरी
इंद्रपुरी बराज से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण सोन नदी के निचले हिस्से में जलस्तर पर नजर रखना जरूरी है. जल संसाधन विभाग की ओर से बराज के जलस्तर और पानी के डिस्चार्ज की लगातार निगरानी की जा रही है. ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में बारिश और जलाशयों से पानी छोड़े जाने के कारण आने वाले समय में बराज पर पानी की स्थिति में बदलाव हो सकता है. ऐसे में सोन नदी के आसपास रहने वाले लोगों को जलस्तर को लेकर सतर्क रहने की आवश्यकता है.
