Rohtas News: सोन नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र और कैमूर पहाड़ी के प्राकृतिक जल स्रोतों में हुई बारिश के कारण इंद्रपुरी बराज पर पानी की आवक में मामूली वृद्धि दर्ज की गई है. गुरुवार की शाम तीन बजे बराज पर 32,595 क्यूसेक पानी उपलब्ध रहा, जहां से सभी लिंक नहरों में जल आपूर्ति की जा रही है. बराज पर पानी का जलस्तर 355 फीट बनाए रखते हुए कुल 69 गेटों में से पांच गेट खोलकर सोन नदी के निचले हिस्से में 20,516 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है. इससे पहले गुरुवार सुबह आठ बजे बराज पर 28,169 क्यूसेक पानी उपलब्ध था.
सोन नहर क्षेत्र में रोपनी तेज, किसानों में खुशी का माहौल
सोन नहर प्रणाली के कमान क्षेत्रों में बारिश होने से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं और धान की रोपनी के काम ने रफ्तार पकड़ ली है. सिंचाई सृजन जल संसाधन विभाग (डेहरी) के मुख्य अभियंता अजय कुमार सिंह ने बताया कि बराज पर पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध है और नहरों के अंतिम छोर तक जल की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है. उन्होंने कहा कि क्षेत्र में फिलहाल कोई समस्या नहीं है और धान की रोपनी अपने अंतिम चरण में प्रवेश कर चुकी है.
बाणसागर से मिल रहा पानी, रिहंद से आपूर्ति की जरूरत नहीं
जल स्रोतों की स्थिति की जानकारी देते हुए मुख्य अभियंता ने बताया कि वर्तमान में रिहंद जलाशय से पानी लेने की आवश्यकता नहीं पड़ी है, इसलिए वहां से जलप्राप्ति शून्य है. वहीं बाणसागर जलाशय से बराज को 5,070 क्यूसेक पानी प्राप्त हो रहा है.
बराज से विभिन्न नहरों में किया जा रहा जल डिस्चार्ज इस प्रकार है:
- पश्चिमी संयोजक नहर: 5,012 क्यूसेक
- पूर्वी संयोजक नहर: 4,258 क्यूसेक
- पश्चिमी समानांतर संयोजक नहर: 2,809 क्यूसेक
