बिना लाइसेंस खुल में नहीं चलेंगी मांस-मछली की दुकानें

प्रधान सचिव विनय कुमार ने निकायों को लिखे पत्र में दिये सख्त निर्देश

सासाराम नगर.

नगर निगम क्षेत्र में अवैध मांस, मुर्गा और मछली की दुकानें खुलेआम संचालित हो रही हैं. शहर में ये दुकानें सड़क किनारे अवैध रूप से खुली हुई हैं. फुटपाथ किनारे इनका कारोबार करनेवाले निगम को 10 से 15 रुपये केवल टैक्स सैरात के रूप में देते हैं. इनके अलावा निगम को इससे ज्यादा कोई मतलब नहीं है. अब तक निगम क्षेत्र में इनको व्यवस्थित करने की बात हो रही थी. लेकिन, प्रधान सचिव के पत्र के बाद लाइसेंसधारी मांस, मुर्गा और मछली की दुकानों की तलाश शुरू हो गयी है. इसमें एक भी दुकानें फिलहाल नहीं पायी गयी हैं. निगम में कार्यरत एक कर्मी ने बताया कि हमारे यहां इसके लिए लाइसेंस देने का प्रावधान में मेरे जानकारी में नहीं है. यहां किसी के पास नहीं है. ऐसे देखा जाये, तो पूरे निगम क्षेत्र में मांस, मछली और मुर्गा का गला अवैध रूप से घोंटा जा रहा है, जिसका कचरा साफ करने में निगम को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

नगर आयुक्त विकास कुमार ने बताया कि विभाग का पत्र मिला है. इसको लेकर निगम क्षेत्र में ऐसे दुकानों को शर्तों के साथ लाइसेंस देने के लिए एक टीम का गठन किया जायेगा, जो चिह्नित कर दुकानदारों को लाइसेंस देगी और नगरपालिका अधिनियम के तहत सभी शर्तों को पालन कराया जायेगा. इसके बाद सड़क किनारे मांस, मछली और मुर्गा का वध कर बेचना बंद हो जायेगा.

कारोबार के लिए लाइसेंस लेना जरूरी:

प्रधान सचिव विनय कुमार ने निकायों को लिखे पत्र में यह जिक्र किया है कि शहर की सड़कों पर खुले में मांस लटका बिना अनुमति कोई दुकान नहीं चलेगी. ऐसी दुकानों पर बिहार नगरपालिका अधिनियम 2007 की धारा 345 के तहत सीधी कार्रवाई की जायेगी. सरकार के संज्ञान में आया है कि कई दुकानें धार्मिक स्थलों, स्कूल-कॉलेजों और संवेदनशील सार्वजनिक स्थानों के बेहद करीब संचालित हो रही हैं. विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि ऐसे क्षेत्रों में दुकानें न तो लाइसेंस प्राप्त कर सकेंगी और न ही चलने दी जायेंगी. नगर निकायों को इन दुकानों की पहचान कर हटाने का जिम्मा सौंपा गया है. खुले में मांस बेचने को लेकर विभाग का मानना है कि इससे संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ता है. अब दुकानदारों को स्वच्छता के तय मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा, अन्यथा लाइसेंस जारी नहीं किया जायेगा. नगर निकायों को सघन निरीक्षण कर रिपोर्ट मुख्यालय भेजने को कहा गया है.

क्या कहता है बिहार नगरपालिका अधिनियम 2007बिहार नगरपालिका अधिनियम 2007 की धारा 345 में यह स्पष्ट किया गया है कि मांस, मछली व कुक्कुट (मुर्गा) बिक्री का लाइसेंस नगरपालिका पदाधिकारी से प्राप्त किया जायेगा. बिना अनुमति के कोई व्यापार नहीं होगा. साथ ही यह भी जिक्र है कि पैकेजिंग किया गया मांस या मछली बिक्री के लिए लाइसेंस की जरूरत नहीं है.

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Author: PANCHDEV KUMAR

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