प्रतिनिधि, डेहरी ऑफिस. जमुहार स्थित श्री सर्वेश्वरी समूह आश्रम परिसर में रविवार को श्री सर्वेश्वरी समूह का स्थापना दिवस श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. कार्यक्रम में श्रद्धालुओं और संस्था के सदस्यों ने परम पूज्य अघोरेश्वर बाबा भगवान राम जी के विचारों को स्मरण करते हुए मानव सेवा के संकल्प को दोहराया.
21 सितंबर 1961 को हुई थी स्थापना
शाखा उपाध्यक्ष डॉ. बीएन राय ने बताया कि श्री सर्वेश्वरी समूह की स्थापना महान संत परम पूज्य अघोरेश्वर बाबा भगवान राम जी ने 21 सितंबर 1961 को पड़ाव, वाराणसी में की थी. उन्होंने कहा कि मानव सेवा ही सच्ची साधना है. संस्था आध्यात्मिकता को सामाजिकता, राष्ट्रीयता और मानव सेवा से जोड़कर समाज के अंतिम पायदान पर खड़े असहाय, निरीह, बेबस, उपेक्षित और पीड़ित लोगों की सेवा के लिए लगातार कार्य कर रही है.
सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता
उन्होंने बताया कि संस्था की विभिन्न शाखाओं के माध्यम से कुष्ठ रोगियों की सेवा, दहेज प्रथा, छुआछूत और अंधविश्वास जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाया जाता है. इसके साथ ही सादगीपूर्ण विवाह और श्राद्ध तथा पर्यावरण संरक्षण जैसे कार्य भी किए जाते हैं.
ग्रामीण क्षेत्रों में लगाए जाते हैं चिकित्सा शिविर
संस्था की ओर से आदिवासी और सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में नि:शुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर और एलोपैथिक चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जाता है. इन शिविरों में जरूरतमंद लोगों को दवाओं का वितरण भी किया जाता है.
ध्वजारोहण के साथ कार्यक्रम की शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह नौ बजे शाखा उपाध्यक्ष डॉ. बीएन राय द्वारा ध्वजारोहण के साथ हुई. इसके बाद आरती, पूजन और पाठ का आयोजन किया गया. पूर्वाह्न साढ़े 11 बजे डॉ. बीएन राय की अध्यक्षता में गोष्ठी हुई, जिसमें वक्ताओं ने बाबा भगवान राम जी के विचारों और मानव सेवा के क्षेत्र में समूह द्वारा किए जा रहे कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला.
सदस्यों ने कार्यक्रम में दिया सहयोग
गोष्ठी का संचालन उपेंद्र सिंह ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन शाखा मंत्री महेंद्र प्रताप सिंह ने किया. कार्यक्रम को सफल बनाने में सुनील कुमार सिंह, कमलेश सिंह, मुकेश कश्यप, पप्पू मिश्रा और श्रीरामाशीष सिंह सहित शाखा के सभी सदस्यों का सक्रिय सहयोग रहा.
बाबा गुरुपद संभव राम के मार्गदर्शन में सेवा कार्य
वर्तमान में संस्था के सामाजिक और सेवा कार्य परम पूज्य संत बाबा गुरुपद संभव राम जी के मार्गदर्शन में संचालित किए जा रहे हैं. स्थापना दिवस समारोह के दौरान संस्था से जुड़े सदस्यों ने सेवा कार्यों को आगे भी जारी रखने का संकल्प लिया.
