रोहतास: लॉ छात्रा प्रियंका की मौत का खुला राज, दहेज के दबाव में आत्महत्या; प्रेमी और पिता गिरफ्तार

गोपाल नारायण सिंह यूनिवर्सिटी की छात्रा की मौत मामले में पुलिस ने प्रेमी और उसके पिता को गिरफ्तार किया। दहेज के दबाव में छात्रा ने की थी आत्महत्या।


Rohtas News : गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय में लॉ की छात्रा प्रियंका सिंह की मौत के मामले का पुलिस ने उद्भेदन कर दिया है. पुलिस जांच में सामने आया कि छात्रा ने आत्महत्या की थी, लेकिन इसके पीछे प्रेमी और उसके परिजनों द्वारा शादी के लिए दहेज की मांग से उत्पन्न मानसिक दबाव प्रमुख कारण रहा. मामले में पुलिस ने छात्रा के प्रेमी अंकुर विशाल उर्फ आकाश और उसके पिता अजय कुमार सिंह को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.

हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटका मिला था शव

एसपी रौशन कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि 12 मार्च 2026 को डेहरी मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय के हॉस्टल के कमरा नंबर 505 से प्रियंका सिंह का शव फंदे से लटका बरामद हुआ था. घटना के बाद मृतका के परिजनों ने अंकुर विशाल उर्फ आकाश, उसके पिता अजय कुमार सिंह और मां संगीता देवी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी थी.

कई वर्षों से चल रहा था प्रेम प्रसंग

पुलिस जांच के दौरान जिला आसूचना इकाई की सहायता से मृतका के मोबाइल फोन का तकनीकी विश्लेषण किया गया. जांच में सामने आया कि प्रियंका सिंह और अंकुर विशाल के बीच कई वर्षों से प्रेम संबंध था. अंकुर ने प्रियंका से शादी करने का भरोसा दिया था. इसके बाद प्रियंका ने अपने माता-पिता को भी शादी के लिए राजी कर लिया था.

शादी की बात आगे बढ़ी तो मांगा गया दहेज

पुलिस के अनुसार, बाद में अंकुर और उसके परिजनों की ओर से शादी के लिए दहेज के रूप में मोटी रकम की मांग की गयी. इससे प्रियंका मानसिक रूप से परेशान रहने लगी और दबाव में आ गयी. पुलिस को घटनास्थल से मिले सुसाइड नोट और मोबाइल की तकनीकी जांच से भी महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले.

साक्ष्यों के आधार पर प्रेमी और पिता गिरफ्तार

अनुसंधान के दौरान सामने आये साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने अंकुर विशाल उर्फ आकाश और उसके पिता अजय कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने मामले में त्वरित अनुसंधान पूरा करते हुए दोनों आरोपितों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र भी समर्पित कर दिया है.

त्वरित विचारण के लिए न्यायालय ने दिया निर्देश

पुलिस के अनुसार, मामले में त्वरित विचारण के लिए न्यायालय ने डेहरी मुफस्सिल थानाध्यक्ष को आवश्यक निर्देश दिया है. पुलिस अब मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और आरोप पत्र के आधार पर आगे की न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रही है.


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By संतोष चंद्रकांत

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