Good News: बिहार का यह जिला बनेगा इंडस्ट्रियल हब, हजारों लोगों को मिलेगा रोजगार

Good News: रोहतास जिले की बंजर और अनुपयोगी पड़ी सरकारी जमीन अब औद्योगिक विकास का केंद्र बनने जा रही है. सरकार ने डेहरी के दक्षिणी क्षेत्र में उद्योगों की स्थापना के लिए भूमि हस्तांतरित कर दी है, जिससे हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा.

By Abhinandan Pandey | March 3, 2025 12:50 PM

Good News: बिहार के रोहतास जिले में दशकों से अनुपयोगी पड़ी बंजर और जंगल भूमि अब औद्योगिक विकास का नया केंद्र बनेगी. सरकार ने डेहरी के दक्षिणी हिस्से को औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने का फैसला लिया है, जिससे हजारों लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है. भड़कुड़िया, भलुआड़ी, दुर्गापुर और भटौली गांवों की सरकारी जमीन को उद्योग विभाग को हस्तांतरित कर दिया गया है, जहां नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित की जाएंगी.

औद्योगिक विकास को मिलेगी रफ्तार

पिछले साल बिहार बिजनेस कनेक्ट 2024 में निवेशकों से मिले सकारात्मक प्रस्तावों के बाद इस परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाया गया. सरकार की इस पहल से रोहतास जिले का डेहरी प्रखंड एक बार फिर से औद्योगिक गतिविधियों का केंद्र बनेगा. इसके अलावा, सुअरा हवाई अड्डा परिसर में टेक्सटाइल पार्क और डालमियानगर औद्योगिक क्षेत्र में रेलवे वैगन कारखाने की स्थापना की भी योजना है.

700 एकड़ भूमि पर होगा उद्योगों का विस्तार

बिहार सरकार के उद्योग विभाग ने हाल ही में डेहरी और शिवसागर प्रखंड में 700 एकड़ सरकारी भूमि का निरीक्षण किया और इसे औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने की सिफारिश की थी. प्रशासन की मंजूरी के बाद, इस क्षेत्र को औद्योगिक हब बनाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.

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पलायन रुकेगा, आर्थिक स्थिति होगी मजबूत

90 के दशक तक रोहतास जिला बिहार का एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र था, लेकिन व्यवस्थागत खामियों के कारण यहां के कई उद्योग बंद हो गए और लोग रोजगार के लिए पलायन करने लगे. डालमियानगर औद्योगिक परिसर, जो कभी जिले की पहचान था, अब खंडहर में तब्दील हो चुका है. हालांकि, अब केसीसी सीमेंट फैक्ट्री, बंजारी को पुनः शुरू करने के लिए डालमिया ग्रुप प्रयासरत है.

सरकार की इस नई पहल से जिले में आर्थिक गतिविधियां फिर से तेज होंगी. स्थानीय लोगों को अपने ही गांव में रोजगार के अवसर मिलेंगे, जिससे पलायन रुकेगा और जिले की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. इस फैसले से रोहतास एक बार फिर बिहार के प्रमुख औद्योगिक जिलों में अपनी जगह बना सकता है.